- सेवा सदन के पास स्थित बस्ती में विहिप नेताओं ने किया दही-चूड़ा का सह-भोज
- दामोदर मिश्र बोले- ऊंच-नीच की भावना समाज को तोड़ने का षड्यंत्र, हम सब एक हैं
मेदिनीनगर | 14 जनवरी 2026
मकर संक्रांति के पावन पर्व को विश्व हिंदू परिषद (विहिप), पलामू ने सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए ‘समरसता दिवस’ के रूप में मनाया। बुधवार को मेदिनीनगर में पलामू सेवा सदन के समीप स्थित सेवा बस्ती में विहिप पदाधिकारियों ने बस्ती वासियों के साथ बैठकर दही-चूड़ा का सह-भोज किया और समाज में समानता का संदेश दिया।
“तिल की तरह एक हो हिंदू समाज”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सेवा टोली सदस्य सह पलामू जिला पालक दामोदर मिश्र ने मकर संक्रांति के महत्व को सामाजिक एकता से जोड़ा। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार तिल के दाने एक-दूसरे से चिपके रहते हैं, उसी प्रकार हिंदू समाज को भी एकजुट होकर रहना चाहिए। तिलवा (तिलकुट) का गुड़ समाज में मिठास घोलने का संदेश देता है।”
जातिगत भेदभाव पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में सभी एक हैं। ऊंच-नीच की भावना वामपंथियों और विधर्मियों द्वारा हिंदू समाज को तोड़ने के लिए फैलाई गई है, जिसे हमें अस्वीकार करना होगा।
जाति बंधन तोड़ने का आह्वान
विहिप के जिला मंत्री अमित तिवारी ने उपस्थित लोगों से जाति के बंधनों से ऊपर उठकर एक ‘वृहत हिंदू समाज’ के निर्माण का अनुरोध किया। वहीं, समरसता प्रमुख पप्पू लाठ ने कहा कि एकता में ही शक्ति है और संगठित समाज ही राष्ट्र की उन्नति का आधार है।
ये रहे उपस्थित
इस समरसता भोज और उत्सव में मुख्य रूप से विहिप उपाध्यक्ष अनामिका सिंह, कोषाध्यक्ष राजीव गोयल, बजरंग दल संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता, सेवा प्रमुख गोपाल तिवारी, प्रचार-प्रसार प्रमुख सुरेश वर्मा, समरसता सह-प्रमुख रवि तिवारी और नगर विहिप अध्यक्ष दीपक प्रसाद सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।






