पलामू टाइगर रिजर्व में कुटकु डैम के पास सांगली मदगड़ी के जंगलों में बाघ दिखाई दिया, बैलों का शिकार किया

मेदिनीनगरः पलामू टाइगर रिजर्व और पर्यटकों के लिए तीन साल बाद अच्छी खबर है। यहां पर एक बाघ देखने की पुष्टि हुई है बताया जाता है कि शुक्रवार को यह बाघ पलामू टाइगर रिजर्व के नार्थ डिवीजन के कुटकू रेंज में दिखा है। बाघ देखे जाने की पुष्टि पीटीआर के निदेशक कुमार आशुतोष और डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने किया है। उन्होंने बताया कि ट्रैप कैमरे में इसे देखा गया है। पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के मुताबिक पीटीआर में नर बाघ देखने को मिला है। उसकी उम्र लगभग 10 साल है। बाघ खुद से शिकार भी कर रहा है। यह मंडल डैम के पास सांगली मदगड़ी के जंगलों में घूम रहा है। पीटीआर निदेशक ने बताया कि कुटकू रेंज में डीएफओ ब्रजेशकांत जेना ने खुद अपने कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद की है। बाघ ने दो बैलों का शिकार कर भोजन करने के बाद पानी पीया है।
बता दें कि पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ मिलने की सूचना के बाद पदाधिकारी और अधिकारी एक्टिव हो गए हैं। इस क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाया गया। कैमरा ट्रैप में भी बाघ की तस्वीरें साफ दिख रही हैं। बाघ के पंजे और शिकार के निशान मिले हैं। पलामू टाइगर रिजर्व का इलाका बाघों के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां दूर-दूर से पर्यटक बाघ देखने के लिए आते थे। हाल के दिनों में बाघ के नहीं देखे जाने से पर्यटकों को निराशा हो रही थी। निदेशक ने बताया कि ट्रैकर टीम को डीएफओ के नेतृत्व में बाघ की निगरानी में लगाया गया है। गांव वालों को आसपास के इलाके में नहीं जाने के लिए आगाह किया गया है। उन्होंने बताया कि बाघ को सुदूर जंगल में जाने से रोकने का भी प्रयास होगा। इससे पहले मल की डीएनए जांच रिपोर्ट में डब्ल्यूआईआई, देहरादून ने पीटीआर में दो बाघों की पुष्टि की थी। पीटीआर निदेशक ने बताया कि बाघ को प्रत्यक्ष रूप से देखे जाने का प्रमाण डब्ल्यूआईआई देहरादून को भी भेजा जाएगा।

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