हुसैनाबाद: रविवार को काजरात नावाडीह कररबार नदी के तट पर नव निर्मित भगवान भास्कर की मंदिर में मूर्ति स्थापना हेतु भगवान भास्कर की मूर्ति, रथ,गायत्री माता एवम बजरंग बली की मूर्ति लाया गया।भगवान भास्कर की डेढ़ टन की भव्य प्रतिमा राजस्थान के जयपुर में निर्मित किया गया है। सूर्यमंदिर निर्माण कमिटी के सदस्यों के द्वारा प्राइवेट गाड़ी से प्रतिमा को लाया गया।इसके लिए रविवार को सुबह 9:00 बजे दंगवार में मूर्ति पहुंचने से पूर्व से आस पास के लोग गाजे बाजे के साथ मूर्ति आने का इंतजार करते रहे। मूर्ति की गाड़ी पहुंचने के बाद मूर्ति सहित गाड़ी को दंगवार सोन नदी के तट पर अवस्थित भगवान भास्कर की मन्दिर परिसर में घुमाया गया।वहीं से विधि विधान एवम गाजे बाजे के साथ धार्मिक जयकारा लगाते हुए बाइक रैली निकालकर दंगवार, बाजार, बेलबिगहा, लामार, कड़मरी, काजरात, नावाडीह होते हुए भगवान भास्कर की प्रतिमा को काजरात नावाडीह सूर्यमंदिर में लाया गया।जहां ग्रामीणों के सहयोग से मूर्ति को उतारकर मन्दिर परिसर में रखा गया।भगवान भास्कर की जय, छठी मैया की जय, जय श्री राम के नारों से क्षेत्र गुंजायमान रहा। आचार्य धर्मराज पांडेय ने बताया कि आगे शुभ मुहूर्त आने पर भव्य यज्ञ कर प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।मौके पर पर कृष्णा यादव,आचार्य धर्मराज पांडेय,मुरली मिश्रा,दिलीप साव,शिव प्रसाद साव, श्रीराम यादव,धनंजय राम,हरिराम यादव,विजय प्रजापति, परशुराम यादव,ललन मेहता,रामाकांत यादव, उदय प्रजापति, बलराम यादव, सीताराम मेहता, राजेंद्र यादव,शिवनारायण सिंह, जगदीश यादव,अरविंद, राममूरत, संजीत, लालदीप ,रितेश,राहुल, रौशन, पप्पू,छोटू, बिगन प्रजापति सहित कई लोग मौजूद रहे।