राजा मेदिनी राय का शासन सरकारों के लिए सीखः अविनाश वर्मा

सच खबर, मेदिनीनगरः 11 फरवरी दिन शनिवार को दुबियाखांड स्थित चेरो राजाओं के महान राजा मेदनी राय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया गया। विदित हो कि एकीकृत बिहार झारखंड में बिहार सरकार के तत्कालिक भू राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री इंदर सिंह नामधारी के प्रयास से राजा मेदनी राय की याद में प्रत्येक वर्ष 11 और 12 फरवरी को आदिवासी मेला लगना प्रारंभ हुआ जो आज तक अनवरत जारी है जबकि गत वर्ष वर्तमान राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित कर आदिवासियों के सम्मान को संजोने का प्रयास किया जो काफी प्रशंसनीय है। राजा मेदिनी राय का शासन 17 वीं सदी के 1658 से 1674 तक कुल 16 वर्षों तक रहा और इन 16 वर्षों में दक्षिणी गया, हजारीबाग और सरगुजा पर अपना साम्राज्य विस्तार करते हुए क्षेत्र की खुशहाली के लिए कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने का काम किया और अंततः पूरे क्षेत्र में उनके प्रयास से हरियाली और खुशहाली अपने चरम सीमा को प्राप्त किया और इसी कार्यकाल में उन्होंने वर्तमान सतबरवा के पास पलामू के दुर्ग में एक किला का निर्माण कराया था। उन्हीं की याद में लगने वाले भव्य मेले में क्षेत्र के लाखों लोगों की उपस्थिति उनकी याद को ताजा करते हुए आदिवासी संस्कृति को बनाए और बढ़ाएं रखने का एक प्रतीक है। जबकि पूर्व की राज्य सरकार के प्रयास से ही जिला मुख्यालय डाल्टनगंज का नाम का नाम मेदिनीनगर रखा गया। मौके पर उपस्थित भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अविनाश कुमार वर्मा ने वर्तमान और पूर्व के दोनों राज्य सरकारों के साथ क्षेत्र के वरिष्ठ नेता इंदर सिंह नामधारी को बधाई देते हुए राजा मेदनी राय को नमन किया। उन्होंने कहा कि राजा मेदनी राय का शासन भावी सरकारों के लिए एक सीख भी है जहां बगैर सुविधा के भी क्षेत्रों में शासन और खुशहाली कैसी होनी चाहिए।
उक्त अवसर पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश सिंह चेरो मेले के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अपने समाज समेत सभी वर्गों के लिए मेला के आयोजन को प्रेरणा का स्रोत बताया। मौके पर मुख्य रूप से अरुण कुमार सिंह, सत्येंद्र सिंह चेरो, श्याम कुमार सिंह, उमेश कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, सुरेंद्र उरांव, अनिल कुमार सिंह चेरो, मेला समिति के ठाकुराई सिंह, पूर्व मुखिया आनंद कुमार एवं दायित्व ट्रस्ट के सदस्य आकाश वर्मा ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।

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