राजा मेदिनीराय आदिवासी समाज के लिए आज भी प्रासंगिक हैः राकेश पासवान

सच खबर,मेदिनीनगरः 13 फरवरी सोमवार को आदिवासी समाज के महाकुंभ मेला दुबिया खाड़ में उपस्थित झारखंड जनक्रांति मोर्चा जोरावर के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश पासवान ने कहा कि जब राजा मेदिनीराय का राज्य पलामू किला पर चलता था तो उस समय उनके नगर के लोगों में आज भी कहावत चरितार्थ है कि राजा मदनिया घर घर बाजे मथानिया साथ ही…। डुगुर-डुगुरबाजे ला नगड़़वा,पहंुचेला कोल खरवार सर-सर चले लागल तिरवा मरे लागल गोरा सरदार..उपरोक्त पंक्ति का आज भी लोगों के मन मस्तिष्क में विद्यमान होना राजा की लोकप्रियता को प्रदर्शित करता है। मंच पर उपस्थित राकेश पासवान ने कहा हमें बिरसा मुंडा, बाबा साहब और भगवान बुद्ध के विचारों को चिंतन करना चाहिए क्योंकि यह मूलवासी आदिवासी दलित के हिमायती थे। इन्होंने सभी को अपने बच्चे को बेहतर शिक्षा देने का अनुरोध किया, ताकि उनका भविष्य बेहतर हो सके । महासचिव सह सलाहकार ललन वर्मा ने कहा कि आदिवासी सर्व समाज शुरू से ही पिछड़ा रहा है और राजा मेदिनी राय उस वक्त राजा थे। आजादी के बाद अब सरकार आई है तो आदिवासियों और दलितों का उत्थान होना चाहिए। विजय कुमार ने कहा कि आदिवासी मूल निवासी हैं और भारत में सबसे पहले मूलवासी ही रहा करते थे, लेकिन इनके उत्थान के लिए सरकार को कार्य करने चाहिए झारखंड सरकार की योजनाओं को आत्मसात और पहल करने की जरूरत है ताकि विकास में आपका गांव पंचायत अग्रसर हो सके।

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