कर्नाटकः टीपू सुल्तान के जन्म भूमि कर्नाटक के मैसूर जिले के श्रीरंगापटनम और कर्मभूमि बेंगलुरु जिले के लालबाग समेत कई स्थानों पर विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वनराखी मूवमेंट के प्राणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल, बिपिएसए संस्था के सचिव अरविंद कुमार और प्रधान सचिव सह पंचायत डाली बाजार के मुखिया पूनम जायसवाल, कर्नाटक के नवमनोनित प्रदेश अध्यक्ष रामकृष्ण हेगड़े एवं सचिव अंजू बंसल के साथ पौधा रोपण कर वृक्षों पर रक्षाबंधन किया। वहीं उपस्थित लोगों को पर्यावरण धर्म की पाठ भी पढ़ाया। कार्यक्रम के उपरांत आंध्र प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर ने पर्यावरण धर्मगुरु व सचिव, कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष व सचिव को सम्मानित किया।
वनराखी मूवमेंट के प्राणेता कौशल ने बताया है कि बेंगलुरु में मेट्रो लाइन चालू करने में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई है जिस अनुपात में पेड़ों की कटाई की गई है उससे 10 गुना पौधों की रोपाई नहीं की गई है। जिससे यहां का मौसम में भारी परिवर्तन हुआ और तापमान में बेतहाशा वृद्धि हुई हैं। तापमान घटाने के लिए जिस तरह 1790 में टीपू सुल्तान ने कई देशों से पौधा लाकर अपने कर्म क्षेत्र में लगाया था जो आज लालबाग से प्रसिद्ध है। उसी तरह पर्यावरणविद कौशल ने पर्यावरण धर्म और वन राखी मूवमेंट के तहत जंगल लगाओ जंगल बचाओ को लेकर 1983 में कर्नाटक आया था और 25 वर्ष पूरा होने के उपरांत सिल्वर जुबली मनाने के लिए 2008 में आया था। इसके बाद 2015 में महात्मा गांधी कृषि विश्वविद्यालय बेंगलुरु में आकर पौधरोपण और वृक्षों पर रक्षाबंधन किया। इसके बाद 2023 में 15 दिनों से दक्षिण भारत के प्रवास के दौरान विभिन्न जगहों पर पौधरोपण व वृक्षों पर रक्षाबंधन किया जा रहा है।
पर्यावरण धर्मगुरु कौशल ने कहा कि उनके द्वारा चलाए गए निशुल्क पौधा वितरण सह रोपन के 56 वर्ष और पर्यावरण धर्म व वनराखी मूवमेंट के 46 वां वर्ष पूरा होने के उपरांत पिछले वर्ष नेपाल भूटान समेत देश के 10 राज्यों में दो लाख पौधों का वितरण सह रोपण के साथ वृक्षों पर रक्षाबंधन और पर्यावरण धर्म पर गोष्ठी का आयोजन करने का निर्णय लिया गया था। जिसकी शुभारंभ माह जुलाई में पलामू प्रमंडलीय आयुक्त ने छतरपुर के ग्राम पंचायत डाली बाजार के कौशल नगर से निशुल्क पौधा वितरण शिविर एवं वृक्षों पर रक्षाबंधन कर किया था । पर्यावरणविद कौशल ने बताया कि पर्यावरण को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए दक्षिण भारत के कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए 17 फरवरी से ही दौरे पर हैं। अब तक झारखंड समेत बिहार ,बंगाल, उत्तर प्रदेश ,छत्तीसगढ़ तमिलनाडु सात राज्यों 14 जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किए जा चुके हैं। उसी की कड़ी में कर्नाटक में कार्यक्रम का संचालित किया जा रहा है। इसके बाद केरल, आंध्र प्रदेश और पांडिचेरी में भी कार्यक्रम किए जाएंगे । साथ ही कार्यक्रम को वृहद आकर देने के उद्देश्य से उन प्रदेशों में नए अध्यक्षों और सचिवों की नियुक्ति भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोगों में आंध्र प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर , ओशो,संगीता, धनंजय कुमार, धनिया,शांतनु कुमार, प्रसाद,संतोष कुमार आदि शामिल थे।