रांचीः भारत सरकार ने सांसद फंड में बदलाव कर दिया है. इसके लिए गाइडलाइन जारी करते हुए कोलकोता में झारखंड सहित पूर्वाेत्तर राज्यों के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का वर्कशॉप भी प्रारंभ किया गया है. नयी गाइडलाइन के अनुसार फंड आवंटन में बदलाव किया गया है. इसके साथ ही अब विकास योजनाओं के लिए ऑनलाइन ही सारा कुछ किया जायेगा. सांसदों से योजनाओं की अनुशंसा ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से ली जायेगी. संबंधित जिलों के उपायुक्त इसकी स्वीकृति ऑनलाइन ही देंगे इसके साथ ही भारत सरकार ऑनलाइन योजनाओं के लिए राशि आवंटित करेगी. 1 अप्रैल 2023 से इसे लागू किया जायेगा। नई व्यवस्था के तहत जिला को नोडल बनाया गया है, लेकिन इन जिलों में सांसद फंड के लिए जो अलग से खाता खुला हुआ था उन खातों को बंद कर दिया जायेगा. सिर्फ एक खाता भारत सरकार के पास होगा। जहां से फंड सीधा ट्रांसफर किया जायेगा. अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था से जिलों में जो बड़ी राशि पार्क होकर पड़ी रहती थी वह बंद जायेगा. योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक पारदर्शिता बरती जायेगी. बता दें कि सांसद फंड से देश व राज्य व जनहित में विकास योजनाएं ली जाती है. हर साल सांसद फंड से पांच-पांच करोड़ पांच साल तक आवंटित किया जाता है. इसे सड़क, पेयजल, सिंचाई, सैनिटेशन सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन होता है. कोलकोता में भारत सरकार के अधिकारियों ने वर्कशॉप में सांसद फंड गाइडलाइन 2023 की प्रमुख बातों की जानकारी अधिकारियों को दी है. यह प्रयास किया जायेगा कि अगामी वित्तीय वर्ष से इसे पूरी तरह से लागू कर दिया जाए.