रांचीः झारखंड के सभी शहरी निकायों में होल्डिंग टैक्स करीब 15 फीसदी तक घटेगा। होल्डिंग टैक्स की समीक्षा के लिए सूडा निदेशक अमित कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी ने टैक्स की गणना करने के लिए नया फॉर्मूला लागू करने की अनुशंसा की है। इसके तहत अब जिला स्तर की जगह प्रमंडल स्तर पर सभी जिलों की जमीन का सर्किल रेट का औसत निकालने और उसमें औसत रेट का 20 फीसदी अतिरिक्त जोड़कर टैक्स की अधिकतम दर तय करने की बात कही गई है।
इस फॉर्मूले के तहत जिन निकायों का वर्तमान होल्डिंग टैक्स तय दर से अधिक होगा, वहां नए फॉर्मूले से निकाले गए टैक्स के बराबर किया जाएगा। लेकिन जहां वर्तमान टैक्स नई दर से कम होगा, वहां बदलाव नहीं होगा। नए फॉर्मूले से होल्डिंग टैक्स तय करने का प्रस्ताव अब कैबिनेट को भेजा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस व्यवस्था से टैक्स में करीब 15 फीसदी की कमी आएगी। गौरतलब है कि पिछले साल सरकार ने सर्किल रेट के आधार पर होल्डिंग टैक्स की राशि तय की थी। इससे टैक्स में काफी बढ़ोतरी हो गई थी।
आवासीय भवनों का टैक्स 20 फीसदी तो व्यावसायिक भवनों का टैक्स 300 फीसदी तक बढ़ गया था। विधानसभा में विधायकों के विरोध के बाद टैक्स की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई गई थी, जिसने नए फॉर्मूले की अनुशंसा की है। नए फॉर्मूले के तहत होल्डिंग टैक्स अगले वित्तीय वर्ष से लागू किया जाएगा। यानी अप्रैल से लोगों को घटे हुए टैक्स का भुगतान करना होगा। जिन भवन मालिकों ने इस साल अधिक टैक्स का भुगतान किया है, उस अतिरिक्त् राशि का अगले वित्तीय वर्ष में समायोजन होगा। यानी अगर रांची नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स में 10 फीसदी की कमी होती है तो उसका 100 रुपए अगले वर्ष के टैक्स में घटेगा। रांची में वार्ड नंबर 01 में अन्य सड़क पर स्थित 1000 वर्गफीट क्षेत्रफल के व्यावसायिक भवन का टैक्स 2016 रु. और मुख्य सड़क के लिए 3456 रु. थे। अभी अन्य सड़क पर व्यावसायिक भवन के लिए 4434 रु. और मुख्य सड़क पर स्थित भवन के लिए 7227 रु. देने पड़ रहे हैं। नई व्यवस्था में टैक्स करीब 15ः घटेगा। इसी तरह आवासीय भवन के लिए वार्ड 22 के एमजी रोड से सटे अन्य सड़क पर 1000 वर्गफीट क्षेत्रफल के आवासीय भवन का टैक्स 1176 व मुख्य सड़क पर 2016 रुपए थे। अभी अन्य सड़क पर स्थित 1000 वर्गफीट के भवन के लिए 2392 रु. और मुख्य सड़क पर भवन के लिए 2367 रु. टैक्स देने पड़ रहे। यहां भी 10 से 15ः घटेगा। होल्डिंग टैक्स घटाने की अनुशंसा तो की गई है, लेकिन इस पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। क्योंकि, पिछले साल आवासीय घरों के टैक्स में 10 से 20ः और व्यावसायिक भवनों के टैक्स में दो गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई थी। अब ऐसे भवनों का टैक्स मात्र 15 फीसदी कम होगा। फिर भी लोग ठगे ही जाएंगे। क्येांकि, जितना टैक्स निगम वसूलता है उस अनुपात में सुविधाएं नहीं मिल रही है। सर्किल रेट पर लागू किए गए होल्डिंग टैक्स की वजह से कुछ निकायों के टैक्स में अधिक बढ़ोतरी हो गई थी। इसकी समीक्षा के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी नई प्रणाली से टैक्स की गणना करने की अनुशंसा की है। इसकी प्रति सरकार को सौंप दी गई है। जल्द ही होल्डिंग टैक्स में बदलाव पर फैसला होने की संभावना है। -अमित कुमार, सूडा निदेशक। नगर निकाय क्षेत्र के वार्डों में जमीन का सरकारी मूल्यांकन मुख्य व अन्य सड़क और भवन की संरचना के आधार पर तय होता है। इसे ही सर्किल रेट कहते हैं। सर्किल रेट से भवन के क्षेत्रफल को गुणा करने पर संबंधित भवन का कैपिटल वैल्यू निकलता है। आवासीय भवन पर इसी कैपिटल वैल्यू का 0.075 फीसदी और व्यावसायिक भवन पर 0.15 फीसदी होल्डिंग टैक्स लगता है। रांची के कई वार्डों में सर्किल रेट काफी अधिक है। ऐसे में होल्डिंग टैक्स में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई। जबकि जिन क्षेत्रों में सर्किल रेट कम है, वहां टैक्स पांच फीसदी घट गया था। सर्किल रेट का निर्धारण निकाय क्षेत्र को मानने के बजाय पूरे प्रमंडल स्तर पर सर्किल रेट का निर्धारण किया जाए।