सच खबर, बिश्रामपुरः पलामू जिले के प्रखंडों में मनरेगा की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। मनरेगा के कार्यों में अनियमितता बरतने वाले जिम्मेवार लोगों के ऊपर कार्रवाई भी की जा रही है। बावजूद जिम्मेवार लोगों में इसका भय व्याप्त नहीं है। जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद भी धरातल पर योजना को नहीं उतारी जा रही। कागज पर योजना को पूर्ण दिखाकर राशि की बंदरबांट कर ली गई। लाभुक के खाते में मजदूरी का भी एक रुपए नहीं दिए गए। सारी पैसों की निकासी जिम्मेवार लोगों की मिलीभगत से निकासी कर ली गई।
यह मामला पलामू जिले के नावा बाजार प्रखंड स्थित इटको पंचायत का है। जहां पशुधन विकास योजना के तहत चयनित लाभुकों के लिए मनरेगा की उपलब्ध निधि से पशुशाला का निर्माण कराया जाना था। इस संबंध में ईटको पंचायत की रेशमा खातून पति इरफान अंसारी को पशुधन योजना के तहत कुक्कुट शेड निर्माण के लिए जिला पशुपालन विकास पदाधिकारी के ज्ञापांक 515 दिनांक 21 जुलाई 2022 को योजना की स्वीकृति के लिए डीआरडीए को पत्राचार किया गया था। वहीं डीआरडीए के पत्रांक 489 27 जुलाई 2022 को स्वीकृति देते हुए नावा बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी को कार्य कराने की स्वीकृति के लिए लिखा गया। जिसके बाद नावा बाजार प्रखंड कार्यालय के पत्रांक 744 दिनांक 3 अगस्त 2022 को योजना की स्वीकृति दे दी गई।
कुक्कुट शेड लाभुक रेशमा खातून को इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं है और न हीं लाभुक के द्वारा किसी भी तरह का निर्माण कार्य कराया गया है। बावजूद मनरेगा मजदूरी की राशि पांच अलग-अलग मजदूरों के खाते में 11 हजार 376 रुपए का भुगतान कर दिया गया। इतना ही नहीं सामग्री मद की राशि एक लाख एक हजार 401 रुपए का भुगतान एमएस नैतिक स्टोन चिप्स नाम से पंजीकृत वेंडर के खाते में ट्रांसफर कर दी। मजदूरों की मजदूरी का भुगतान 13 जनवरी से 13 फरवरी के बीच कार्य करने को लेकर किया गया है। वहीं सामग्री की राशि का भुगतान 3 मार्च को एमएस नैतिक स्टोन चिप्स वेंडर के खाते में की गई है।
बाक्सः शेड निर्माण और पैसों की निकासी से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी हमें प्राप्त नहीं है। हमें यह बताया गया था कि आपके शेड का निर्माण वेंडर के द्वारा कराया जाएगा। लेकिन किसी भी तरह का निर्माण कार्य अभी तक नहीं कराया गया है।