शादी जीवन के नई पारी व लैंगिक समानता के मूल आधार हैः अविनाश देव

सच खबर, मेदिनीनगरः अविनाश देव ने बताया कि शादी-विवाह लग्न शुरू होते ही सगे संबंधी मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव में चले जाते हैं, किंतु आदमी को एक सामाजिक प्राणी होने के नाते पारिवारिक फ़र्ज़ निभाना पड़ता हैख् तब कहीं जाकर एक नज़बूत रिश्ता बनता है। वे अपने शिष्य दुर्गा कीे शादी में लेस्लीगंज के झरहा में शामिल हुए थे। साथ ही श्री देव अपने विधानसभा क्षेत्र व विद्यालय के कर्मचारी नगवां निवासी मृत्युंजय चौरसिया के बेटी की शादी में शामिल हुए और वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मंगरदहा ऋषभ चौरसिया के बहन के बारात में शामिल हुआ दुल्हन को आशीर्वाद देकर वापस हुए। बातों ही बातों में शादी में आये सम्बन्धियों से कहा विवाह जीवन का एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिससे मानव जैविक जरूरत को पूरा करते हैं और सामाजिक लैंगिक सन्तुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शादी में अनावश्यक खर्च व्यक्ति को बेईमान बनाता है इसलिए सामाजिक मान्यता प्राप्त करते सादा जीवन उच्च विचार से आगे बढ़ना चाहिए। महिला हिंसा में इज़ाफ़ा भी एक दिन के सामंती दिखावा के कारण है। इसलिए कम समय कम खर्च में शादी निबटाना चाहिए और समाज को रौशनी दिखाना चाहिए।

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