रक्षक ही बने भक्षक, षाहपुर स्थित बालिका गृह, कई बच्चियों का कोई अता-पता नहीं विकास इंटरनेषनल संस्था द्वारा संचालित है बालिका गृहः बीस सूत्री उपाध्यक्ष विमला कुमारी

सच खबर, मेदिनीनगर हम प्रायः अपने दैनिक जीवन में महिला सम्मान, महिला उत्थान की बात करते रहते हैं। इसके लिए तरह-तरह से दिखावा भी करते हैं। आम जन की बात तो छोड़िए प्रशासनिक स्तर पर भी कई विकासशील बातें होती हैं। महिला सुरक्षा, उनके विकास के लिए सरकार भी कई योेजनाएं बनाती हैं;उसको लागू करती है या फिर सक्षम संस्थाओं द्वारा उन कार्यो को करवाती भी हैं, लेकिन जब यही योजनाएं महिला सुरक्षा की रक्षक की जगह अगर भक्षक बन जाए तो क्या इसे नैतिक गिरावट की संज्ञा नहीं दी जाएगी। ऐसा ही मामला बच्चों से संबंधित संस्था बालिका गृह शाहपुर, जिला पलामू का है, जो विकास इंटरनेशनल संस्था द्वारा संचालित है। वहां की काली करतूत प्रकाश मंे आयी है। वहां रहने वाली नाबालिग बच्चियों की स्थिति ठीक नहीं है। वहीं अनाथ बालिग बच्चियों के साथ भी गैर कानूनी तरीके से कानून का गलत विश्लेषण कर उसे अन्य हाथों में हस्तान्तरित कर दिया जा रहा है या साफ-साफ कहे तो मोटी रकम ले कर बेच दिया जा रहा है। इस तरह के एक मामले को बीस सूत्री उपाध्यक्ष विमला कुमारी ने संज्ञान में लेते हुए बालिका गृह शाहपुर का निरीक्षण किया। वहां  कई अनियमितता को देखते हुए यह शक और गहरा गया कि कई बच्चियों को गैर कानूनी तरीके से अज्ञात लोगों को सौंप दिया गया है। इस विषय को लेकर उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में एक प्रेस वार्ता की। जिसमें उन्होंने बताया कि विगत कुछ दिनो ं से बालिका गृह पलामू के द्वारा बरती जा रही कुछ अनियमितता की जानकारी मिल रही थी। इसी बाल गृह से एक बालिग बच्ची जो यहां विगत चार वर्षाे से रह रही थी। उसकी शादी कराने का मामला 13 मार्च को आया था। जानकारी लेने पर पता चला कि इस शादी की प्रक्रिया में कुछ कानूनी पहलु का पालन नही किया गया है और मामला संदेहास्पद है। इसी को संज्ञान में लेते विमला कुमारी ने बीस उपाध्यक्ष के अलावे एक महिला होने के नाते भी अपने सहयोगी लक्ष्मी नारायण तिवारी प्रदेश सचिव कॉग्रेस के साथ बालिका गृह मंे जाने का निर्णय लिया। आगे विमला कुमारी ने बताया कि मैंने इस संबध में समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या से मोबाईल पर बात कि उन्होने कहा की आपके साथ मैं इसके संबंधित एक सक्षम पदाधिकारी को भी भेज रही हूॅ। एक घंटे तक इंतजार करेन के बावजूद भी उस पदाधिकारी के नहीं आने पर मैंने अपने सहयोगी के साथ शाहपुर स्थित बालिका गृह पहूच गई ।

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