सच खबर, मेदिनीनगरः स्थानीय रांची रोड स्थित गौरी शंकर मैरिज हॉल से 18मार्च शनिवार को उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा करके उपायुक्त को रैयतों के तरफ से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञात हो कि तीन पंचायतों के एक सौ 23 एकड जमीन जाएगी एनएचएआई के द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के बाद इन भू-धारकों ने सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि जमीन का दाम विभाग ओने-पौने के दर से लगाने के फिराक में है। जबकि जो जमीन एनएच 75 में जा रहा है। उसका सर्किल रेट काफी ज्यादा है। जमीन का जो रेट तय किया गया है। उसका हमलोग विरोध करते हैं और सभी जमीन का मुआवजा एक समान देने की मांग करते हैं। दूसरे चरण के लिए भोगू से रेहला के शंखा गांव तक भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। रैयतों को एक समान मुआवजा अथॉरिटी देः पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा है कि सभी रैयतों को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जो जमीन अधिग्रहण किया है उसका एक समान मुआवजा दे ताकि जमीन मालिकों का गुजर-बसर ठीक ढंग से हो सके। 1988 में संसद के एक अधिनियम द्वारा सड़क परिवहन व राजमार्ग के प्रबंधन जमीन देने वाले रैयतों को उन्हें स्थापित करने की जिम्मेवारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गैरमजरूआ भूमि मालिक जिनका लगान रसीद 30 वर्षों से भरते आ रहे हैं। उन्हें भी विभाग मुआवजा दे। सबसे ज्यादा जो जमीन का खरीदी हुई है। उस केवाला के अनुसार अथॉरिटी उन्हें मुआवजा दे।
सड़क और परिवहन राजमार्ग के द्वारा पोलपोल, सरजा और लहलहे पंचायत के 750 रैयतों का कूल एक सौ 23 एकड भूमि अधिग्रहण किया गया है।