नफ़रत के खिलाफ़ प्रेम की आवाज को बुलंद करता मुख्तियार अली का सूफी गायन

सच खबर, मेदिनीनगरः इप्टा के 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन नीलाम्बर-पीताम्बार लोक महोत्सव के अंतर्गत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या का आगाज झारखंड के आदिवासी कलाकारों द्वारा नगाड़ा वादन के साथ हुई। इसके बाद बिहार इप्टा के कलाकारों ने लक्ष्मी प्रसाद यादव के नेतृत्व ‘अइले नगाड़ा लेके इप्टा मैदान में’ जनगीत प्रस्तुत किया गया। छत्तीसगढ़ इप्टा के साथियों ने मणिमय मुखर्जी के नेत्रत्व में सलिल चौधरी की धुन पर जनगीतों की प्रस्तुति दी। झारखण्ड के कलाकारों ने पाईका लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। बिहार इप्टा के कलाकारों ने श्वेता भरती के नृत्य संयोजन में झिझिया लोकनृत्य की मनभावन प्रस्तुति दी। उड़ीसा इप्टा ने उडसी नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के आखिर में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सूफी गायक मीर मुख्तियार अली ने अपने सूफी गायन से समा बांधा। उन्हांेने नफ़रत के खिलाफ़ प्रेम की अलख जलाते हुए अमीर खुसरो, कबीर, गुलाम फ़रीद, बुल्लेशाह जैसे प्रेम और सद्भाव को तरजीह देने वाले सूफियों के कलाम को प्रस्तुत किया।। इस दौरान श्रोता झूमने लगे और फरमायशें भी करने लगे, जिसे मुख्तियार अली ने पूरा किया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान शिवाजी मैदान में हजारों की तादाद में दर्शक मौजूद रहे। आयोजन समिति ने बताया कि सम्मेलन के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जायेगा ।

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