केतार, गढ़वाः गढ़वा जिले के केतार प्रखंड के विख्यात मां चतुर्भुजी शक्ति पीठ मंदिर में कलश स्थापन के मुख्य अतिथि विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पर्यावरण धर्मगुरु व वन राखी मूवमेंट के प्राणेता पर्यावरणविद कौशल किशोर जायसवाल ने पर्यावरण धर्म के प्रार्थना के साथ नेपाल के रुद्राक्ष, कर्नाटक के चंदन, हिमाचल के कपूर का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वहीं उपस्थित लोगों को पर्यावरण धर्मगुरु ने पर्यावरण धर्म के 8 मूल ज्ञान मंत्रों की शपथ भी दिलाई। मंदिर परिसर में चौत माह में सदियों से एक माह का मेले लगते आ रहा है। उन्होंने कहा कि कलश और पौधा दोनों एक दूसरे का पूरक है इसलिए कलश यात्रा में या स्थापना में पौधों की स्थापना अत्यंत जरूरी होता है। क्योंकि कलश के जल से धरती पर के जीवन और पौधा से ब्रह्मांड के तमाम जीवन की सुरक्षा होती है। छतरपुर पूर्वी जिला पार्षद अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि इसके पहले भी उनके पूजनीय पिता के द्वारा गढ़वा के ब्रह्म स्थान मंदिर प्रांगण,केतार लोहिया समता उच्च विद्यालय, चतुर्भुजी मां के मंदिर प्रांगण और पांचाडुमर थाना परिसर में लगाए गए पौधे आज फल फूल दे रहे हैं । अपने पिता के द्वारा लगाए गए उन पौधों को देखकर आज परिवार के सभी सदस्य अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। छतरपुर के पंचायत डाली बाजार के मुखिया सह वीपीएसए संस्था के प्रधान सचिव पूनम जायसवाल ने कहा कि बचपन से ही इस मंदिर में पूजा-अर्चना करते आ रही हूं । देवी की बहुत बड़ी महिमा है । ससुराल से भी पूरे परिवार के साथ मां का आशीर्वाद लेने आती रहती हूँ। मंदिर के पुजारी और मेला कमेटी के लोगों में बालमुकुंद पाठक, हेमंत पाठक, कामेश्वर वैद्य, रमेश दुबेदी, विनोद वैद, उदयशंकर बैद, सुदामा त्रिपाठी, शिव शंकर वैद्य ने कहा कि पर्यावरणविद के द्वारा इसके पहले लगाए गए पौधे फल फूल दे रहे हैं। मंदिर के पुजारी ने पर्यावरणविद से पुनः जुलाई में मन्दिर परिसर में पौधरोपण का निमंत्रण भी दिया है। कार्यक्रम के प्रमुख लोगों में यूनिक प्लाई के प्रोपराइटर अरुण कुमार जायसवाल, गौतम कुमार , ओमप्रकाश सिंह , कोमल जायसवाल , अवध किशोर, शिल्पा जायसवाल, आराध्या जायसवाल, आशिका जायसवाल, मुसाफिरखाना भाई आद्रिका, अनुषा, संतोष, मालदेव समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित थे