सच खबर, मेदिनीनगरः बीस सूत्री उपाध्यक्ष विमला कुमारी तीन अप्रैल दिन सोमवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, शाहपुर, पूर्वडीहा में सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सहायता राशि और संसाधनों और के सही क्रियान्वन और यहां पढ़ रही बच्चियों के विकास के अलावे विद्यालय की वर्तमान स्थिति को जानने समझने गई। वे अपने जाँच और उपलब्ध जानकारियों के अंतर्गत विद्यालय के संचालन करने वाली वार्डन से मिली। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ,उपाध्यक्ष से बात की। वहां जाकर विद्यालय की रसोंईयों और रसोईघर को भी देखा। इसके अलावे संसाधन सप्लाई या आपूर्ति करने वाले विभिन्न सामग्रियो के सप्लायर की जानकारी ली। वहां पढ़नेवाली बच्चियों से मिलकर उनसे बातचीत भी की। विमला कुमारी ने बच्चियों के अध्ययन स्तर की जांच की। साथ ही प्रार्थना को सुनी और पढ़ाई और वर्ग संबंधी प्रश्न बच्चियों से पूछा। वहंा पर बच्चियों साथ चार शिक्षिका भी उपस्थित थी। उनसे भी जानकारी ली। विमला कुमारी ने बताया कि विद्यालय की वर्तमान स्थिति मंे कुछ सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। उन्होंने आगे बताया कि वैसे यहां सब व्यवस्था ठीक ठाक है, परन्तु विद्यालय की छात्रावास की सफाई के मामले में कुछ कमी थी इसके लिए उन्होंने वार्डन का ध्यान भी आकृष्ट कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि विद्यालय के पुस्तकालय मंे भी सुधार की आवश्यकता है। इस संबंध में वार्डन से पूछने पर उन्हांेने कहा कि अभी रंग-रोगन कार्य के साथ विद्यालय मरम्मति का कार्य भी चल रहा है। इस लिए थोड़ा अस्त-व्यस्त दिख रहा है। उन्हांेने विमला कुमारी द्वारा पूछने पर बताया कि विद्यालय मे जनरेटर, सोलर लाइट की आवश्यकता है। इस संबंध मंे विमला कुमारी ने राज्य सरकार के अलावे पलामू उपायुक्त को पत्र लिखकर इसका समाधान कराने का आश्वासन दिया। जिससे रात्रि में बिजली जाने पर विद्यालय की बच्चियों और कर्मियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही विमला कुमारी ने विद्यालय में बच्चों द्वारा किचन गार्डन देखने पर प्रसन्नता हुई। इस पर चर्चा भी की। इस विद्यालय की महत्वपूर्ण अंशकालीन शिक्षिकियों की समस्या भी देखने को मिली। ये एनजीओ की माध्यम से आयी हैं। इनकी विधिवत प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी उचित निर्णय लें। चुकि विमला कुमारी ने बताया कि विद्यालय का अध्ययन काल प्रातःकाल से हो गया है और मै अपने सदस्यों के साथ वर्ग समय के बाद गई थी। इसके चलते कक्षाओं का निरीक्षण नहीं हो पाया। उस वक्त लंच का समय भी था। बच्चियों को मेनु के अनुसार भोजन करती मिलीं।