इस राज्य में सबसे ज्यादा 803 नए केस, केंद्रीय मंत्री ने बुलाई स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक, बन्ना गुप्ता भी हुए शामिल

सच खबर, रांचीः झारखंड में करीब पांच महीने बाद एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की हाफ सेंचुरी लगी है. 31 अक्टूबर को राज्य में कोरोना संक्रमितों के 52 एक्टिव केस थे। इसके बाद धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण के मामले लगातार घटते गए। जनवरी 2023 में 23 जनवरी तक राज्य में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं बचे थे। इसके बाद फिर इक्का दुक्का केस मिलना शुरू हुआ। 18 मार्च 2023 को राज्य में कोरोना के 10 एक्टिव केस हो गए थे, जो 19 मार्च को 11 हो गया। पिछले दो सप्ताह में तो लगभग हर दिन राज्य के अलग- अलग जिलों में केस मिलना शुरू हुआ और अप्रैल 05 होते-होते कोरोना के एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 51 गयी।
महाराष्ट्र में गुरुवार को कोरोना के 803 नए केस सामने आए, जबकि तीन मरीजों की मौत हुई है। छत्तीसगढ़ में 102 कोरोना के नए केस मिले, वहीं एक भी मौत नहीं हुई। राजस्थान में बीते 24 घंटों में 100 नए केस सामने आए हैं। राज्य में कोरोना के मामलों में तेजी के मद्देनजर खांसी-जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों के दिखाई देने पर कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में भी गुरुवार को कोरोना के 367 नए केस मिले और एक व्यक्ति की संक्रमण से मौत हो गई। झारखंड में गुरुवार को 12 नए कोरोना केस मिले हैं। हरियाणा में कोविड-19 के 318 नए मामले सामने आए। झारखंड में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सात अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा बैठक किया। बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बना गुप्ता भी मौजूद रहे। झारखंड में अभी 51 कोरोना संक्रमित हैं. छह मार्च को राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या शून्य थी। राज्य में मार्च के दूसरे सप्ताह से कोरोना संक्रमण का मामला आने लगा। नौ मार्च से पांच अप्रैल तक 26023 सैंपल की जांच की गयी। इसमें 78 पॉजिटिव पाये गये। राज्य के सरकारी अस्पतालों में संक्रमितों के इलाज के लिए 21,680 बेड उपलब्ध हैं. इसमें 5276 नॉन दृ ऑक्सीजन बेड, 11356 ऑक्सीजन सपोर्टेट बेड, 1447 आइसीयू बेड, 1456 वेंटिलेटर बेड, 510 पीडियाट्रिक आइसीयू हैं।

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