सच खबर, छतरपुरः छतरपुर शहर के खाटीन में शनिवार को हजरत अंजान शहीद दाता का सालाना उर्स मनाया गया। इससे पहले कमिटी की चादर पुरे शहर छतरपुर में घुमाया गया। इसके बाद शाम पांच बजे चादर पोशी की गई। वंही रात दस बजे से शायर और मौलाना द्वारा नात और तकरीर किया गया। नात खा ने अपने अंदाज में कहा मेरी बिगड़ी को बना दीजिये अंजान शाह बाबा . . .सोई किस्मत भी जगा दीजिये अंजान शाह बाबा . . वही शायर करि खुर्शीद ने कहा जो तुम्हारे दर अपने मुरादे पाते है—हम सबको भी अता कीजिये अंजान शहीद बाबा। मौके पर मौलाना जुनैद मिस्बाही,करि इम्तेयाज साहब,हाफिज आजाद हुसैन,हाफिज जिब्रईल साहब ,हाफिज इरफान साहब,हाफिज मुनीर हुसैन,हाफिज तौहीद आलम ने नात पढ़ा और तकरीर की 15 अप्रैल उर्स के दिन छतरपुर अनुमंडल के साथ -साथ बहुत दूर से लोग इनके दर पर आते है और अपनी मन्नत मांग कर जाते हैं। इनके दर पर सभी मन्नते सभी दुआएं कोबुल होती है। इस मौके पर यंहा काफी भीड़ होती है। पूरे क्षेत्र में एक यही पर हजरत अंजान शहीद दाता का मजार शरीफ है जो हर वर्ष के 15 अप्रैल को उर्स मनाया जाता है ये कार्यक्रम नव जवां यादे हुसैन कमिटी खाटीन के द्वारा कराई जाती है।