सच खबर, खँूटीः जोहार परियोजना, झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के झारखंड लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के द्वारा संचालन किया जा रहा है। जोहार परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं का आजीविका संवर्धन करना है। जोहार परियोजना में महिलाओं की आजीविका वृद्धि के लिए विभिन्न गतिविधियों में कार्य किया जा रहा है, विभिन्न गतिविधियों में से मत्स्य पालन जोहार परियोजना में एक मुख्य घटक है। ग्रामीण महिलाएं जोहार परियोजना से जुड़कर पहली बार मत्स्य पालन कार्य कर अपनी आजीविका बढ़ा रही है। इन ग्रामीण महिलाओं के पास साधन होते हुए भी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने और मछली पालन जानकारी नहीं होने के कारण अपने स्रोतों का सही उपयोग नहीं कर पा रही थी। जोहार परियोजना के मात्स्यिकी प्रभाग में मुख्यतः 4 उपघटकों में कार्य किया जाता है, मछली उत्पादन, मत्स्य बीज उत्पादन, समेकित मछली पालन एवं पेन और केज कल्चर में मत्स्य पालन, जोहार परियोजना के तहत उपरोक्त वर्णित उपघटकों में कार्य कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए महिलाओं का क्षमता वर्धन भी किया जाता है, इसके लिए ग्राम स्तर में तकनिक प्रशिक्षित मत्स्य मित्र के द्वारा मछली पालन करने के लिए प्रारंभिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक तरीके तालाब प्रबंधन, जल जाँच, बीच संचयन, आहार प्रबंधन, रोग निराकरण प्रबंधन और बाजारीकरण से मछली पालन करने के विषय में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिससे कि ग्राम की महिलाएं अपनी उत्पादकता को बढ़ा सकें। क्षमतावर्धन और प्रशिक्षण के साथ-साथ जोहार परियोजना मत्स्य पालन में महिलाओं का आजीविका संवर्धन करने के लिए जोहार सहयोग राशि भी उपलब्ध कराती हैं। खूंटी जिला के रिहरगडा ग्राम की नीलमणि होरो अब अपने गाँव के लिए एक उदाहरण बन चुकी हैं। इनके इस उदाहरण बनने में जोहार परियोजना का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। नीलमणि जोहार परियोजना में जुड़ने से पहले मजदूरी का काम करती थी, साथ साथ महुआ चुनना और बेचना तथा पारंपरिक खेती से जीविकोपार्जन कर रही थी। जोहार उत्पादक समूह से जुड़ने से पहले नीलमणि के पास में ना तालाब था और ना ही खेती-बाड़ी के लिए जमीन। उत्पादक समूह में मछली पालन प्रशिक्षण से प्राप्त कर तालाब को किराया में लेकर, मछली पालन किया और अभी के समय में अपने पंचायत में एक उदाहरण बन कर उभर रही हैं, इसके अलावा आजीविका मत्स्य मित्र के रुप में गोविंदपुर पंचायत की दीदियों को जहां मिले पानी, वही पालो मछली रानी के स्लोगन से पंचायत की दीदीयो को प्रेरित कर रही हैं।