नगर के कार्यपालक अधिकारी को अरविंद ने सौंपा 14 सूत्री मांगपत्र

सच खबर, छतरपुरः झारखण्ड में सभी नगर निकायों को भंग कर दिया गया है। जिसके कारण निकाय का सारा नियंत्रण अब अधिकारियों और बाबुओं के हाथ में चला गया है। छतरपुर नगर पंचायत के कार्यालय में अब सन्नाटा पसरा है। पूर्व निर्वाचित सभी जन प्रतिनिधियों के कार्यालय को बंद कर दिया गया है। ऐसे में लोगों के जेहन में कई सवाल कौंध रहे हैं कि अब कौन होगा नगर का तारणहार? कैसे चलेगी नगर की सरकार? साथ ही नगर पँचायत के विकास का क्या होगा मास्टर प्लान? दरअसल नगर पंचायत छतरपुर में इन दिनों जलसंकट से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। जलस्तर नीचे चले जाने के कारण सर्वत्र हाहाकार मचा है। आज आलम ये है कि लोगों का पानी के बिना जीना ,मुश्किल हो गया है। इस सम्बंध में नगर की कई समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के हेतु छतरपुर विकास मंच के अध्यक्ष सह समाजसेवी अरविंद गुप्ता चुनमुन ने चौदह सूत्री मांग पत्र छतरपुर नगर के कार्यपालक पदाधिकारी कामेश्वर बेदिया को उनके कार्यालय वेश्म में सौंपा। क्या है मांग पत्र में? मंच के द्वारा कार्यपालक अधिकारी को जिन ग्यारह सूत्री मांगों के साथ ज्ञापन सौंपा गया है उनमें कई मांगें बेहद महत्वपूर्ण हैं उनमें मुख्यतः कहा गया है कि नगर पंचायत भंग होने की स्थिति में सिविल सोसाइटी का नगर में गठन किया जाए, साथ ही सोसाइटी के साथ नगर पंचायत बैठक कर नगर पंचायत में व्याप्त जलसंकट और अन्य समस्याओं का हल निकाले। प्रस्तावित ऑटो और बस स्टैंड को अविलम्ब शुरू कराया जाए। चापानल गड़वाने के लिए नगर पंचायत के द्वारा ली जाने वाली सुविधा शुल्क को खत्म किया जाय। नगर पंचायत में बाहर के किसी भी बोरवेल गाड़ी से बोरिंग कराने का प्रावधान लागू किया जाए। सभी वार्डों में टैंकरों द्वारा पेयजल आपूर्ति लगातार सुनिश्चित हो। नगर में सिविल सोसाइटी का गठन कर नगर पंचायत की नली, गली और पेयजल की समस्या का समाधान किया जाए, नगर पंचायत के सभी खराब पड़े चापानलों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। नगर के सभी खराब जलमीनारों की मरम्मत कराई जाए। नगर में पेयजल स्वच्छता विभाग के द्वारा सोन नदी से प्रस्तावित जलापूर्ति हेतु पर पानी टँकी का शीघ्र निर्माण करने, साथ ही नगर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शीघ्र सुनिश्चित कराने तथा अति जल संकटग्रस्त इलाकों को चिन्हित कर नए जलमिनारों की स्थापना करने। पूर्व में बनाये गए नाली, सड़क आदि योजनाओं में लूट की गुणवत्ता की जांच कराई कराने। पीएम आवास के लाभुकों को घर निर्माण हेतु पेंडिंग पड़े किस्तों का अविलम्ब भुगतान सुनिश्चित कराने। नगर पंचायत में कार्यदिवस पर कार्यरत सफाईकर्मियों की बकाए मानदेय का भुगतान करने। पूर्व प्रत्याशी ने क्या कहा? अरविंद गुप्ता ने ज्ञापन देने के बाद पत्रकारों से कहा कि नगर चुनाव के पांच साल बीत गए। करोड़ो की राशि नगर में खर्च की गई फिर भी नगर पंचायत नरक पँचायत में तब्दील रहा। अब जबकि निकाय भंग हो चुका हैं तो जनता को भी अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों से पांच साल का हिसाब मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई दफा उनके द्वारा धरना और ज्ञापन के माध्यम से नगर पंचायत के अधिकारियों को सभी समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है। फिर भी लोग उदासीन हैं। अरविन्द ने नगर पंचायत के अधिकारियों और कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी कार्य संस्कृति सुधार लें वरना उन्हें जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा। सड़क से लेकर सदन तक उनके खिलाफ उलगुलान होगा। क्या है नगर पंचायत का रुख?ः अरविन्द ने बताया कि कार्यपालक अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही ज्ञापन में दर्शाए गए सभी समस्याओं के संदर्भ में कार्रवाई होगी। जल्द ही समस्याओं का निदान कर दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में अरविंद गुप्ता के साथ अरुण कुमार भी साथ थे।

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