लखनऊ। गोरखपुर के चौरीचौरा में फैलहा निवासी मृत सैनिक धनंजय यादव की मौत के बाद उसे शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की आड़ में दंगा कराने की साजिश रची गई थी। मंशा थी कि सीएम योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण के दिन उनके गृह जनपद से ही प्रदेश के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया जा सके। यह साजिश सपा नेताओं ने रची थी, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। इसका खुलासा एलआईयू की रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर और उपद्रव के दौरान कराई गई वीडियो रिकार्डिंग, ड्रोन कैमरे की रिकार्डिंग से उपद्रवियों की पहचान कर पुलिस ने 56 लोगों को चिह्नित किया। इसके बाद 56 नामजद और 200 अज्ञात पर सात मुकदमे दर्ज किए गए। इन नामजद आरोपितों में एक दर्जन से ज्यादा सपा नेता हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों को उकसा कर बुलाया था और खुद भी उपद्रव में शामिल हुए थे। यह एक सुनियोजित साजिश थी। इसका खुलासा इससे भी हुआ कि डीएम के आश्वासन के बाद मृतक के पिता मान गए थे। वे लगातार लोगों से जाने की अपील कर रहे थे, लेकिन उपद्रवी माने नहीं। उसके बाद उपद्रवियों ने पथराव किया, 10 गाड़ियों में तोड़-फोड़, आगजनी की। आंसू गैस के गोले दागकर स्थित पर काबू पाया। पुलिस ने सपा नेताओं और उपद्रवियों पर साजिश रचने औक हत्या के प्रयास, 7 सीएलए सहित कई धाराएं लगाई हैं। पुलिस ने फरार आरोपित सपा नेता और चौरीचौरा से पूर्व विधायक प्रत्याशी खोराबार के मिर्जापुर निवासी मनुरोजन यादव, सपा नेता फैलहा निवासी अरविंद यादव और चौरीचौरा के वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष सपा नेता नरसिंह यादव पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। पुलिस अब फरार आरोपितों के खिलाफ कोर्ट से वारंट कराकर कुर्की कराने की तैयारी कर रही है। साथ ही मनुरोजन समेत सभी आरोपित नेताओं के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है कि उन्होंने पहले कब इस तरह की वारदात की थी या किसी सरकारी कर्मचारी को नुकसान पहुंचाया था। साथ ही कब-कब इन लोगों ने लोगों को भड़काने का काम किया था। इनका पुराना आपराधिक इतिहास है या नहीं। आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल कर इन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई इनसे वसूली कर की जाएगी। इसम मामले में नौ हुए हैं गिरफ्तार, 47 फरारःपुलिस ने शब्बीर अहमद उर्फ डब्लू, सपा के मुंडेरा बाजार के सभासद वसीम मोहम्मद, शत्रुघ्न, अभिमन्यू विश्वकर्मा, डब्लू यादव, आदित्य यादव, जय चंद मल्लाह, राजेश यादव, बृजेश यादव समेत 9 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। जबकि अभी भी 47 उपद्रवी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।