सच खबर, रांचीं। झारखंड में तालाबों के जीर्णोद्धार मामले में खर्च हुए 336 करोड़ मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में जेना टुडू द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। एसीबी के डीजी वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से अदालती प्रक्रिया में शामिल हुए. अदालत ने उनसे यह जानना चाहा कि चार सालों में भी तालाबों के जीर्णोद्धार मामले की जांच क्यों नहीं पूरी की गयी। इसमें कहा गया कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर तालाबों के जीर्णोद्धार करने का सरकार की तरफ से फैसला लिया गया था. इसमें कृषि, ग्रामीण विकास विभाग, वन पर्यावरण विभाग और अन्य विभागों की तरफ से 336 करोड़ रुपये खर्च किये गये. सरकारी राशि का दुरुपयोग इस मामले में व्यापक पैमाने पर किया गया।