सच खबर, मेदिनीनगरः अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ,पलामू के जिला अध्यक्ष कमल किशोर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मेयर ओर उप मेयर के द्वारा प्रतिमा अनावरण को रोकने को सराहनीय कदम बताया है। श्री किशोर ने कहा है कि वर्तमान परिस्थिति में महापौर श्रीमती अरुणा शंकर एवं उप महापौर राकेश कुमार सिंह उर्फ मंगल सिंह के द्वारा प्रतिमा अनावरण को रोकना सराहनीय कदम है। इस कार्य के लिए वे बधाई के पात्र हैं । पूर्व चेयरमैन स्व नर्मदेश्वर सिंह उर्फ नरू बाबू की प्रतिमा का अनावरण अभी के परिपेक्ष्य मे उचित जान नही पड़ता है। उनसे पूर्व के डालटनगंज (मेदिनीनगर) के ऐसे कई विभूति रहे हैं जिन्हे अब तक उचित सम्मान प्राप्त नही हुआ है। निगम से ही देखें तो नरू बाबू से पूर्व के चेयरमैन रहे बाबू ईश्वरी प्रसाद ,राय उमाकांत प्रसाद, हरख चन्द जैन जी आदि रहे हैं, जिनका योगदान जातीय राजनीति से दूर रहकर निःस्वार्थ नगर का विकास रहा है । आजादी से देखें तो स्वतंत्रता आंदोलन मे हिस्सा लेकर अपना सबकुछ न्योछावर करने वाले डालटनगंज के कइ विभूति रहे हैं; जिन्हे सम्मान मिलनी चाहिए। इन्ही स्वतंत्रता सेनानियो में रहे स्व. यदुवंश सहाय उर्फ जदू बाबू एवं स्व अमीय घोष उर्फ गोपा बाबू ये दोनो संविधान सभा के सदस्य थे और 1946 में डालटनगंज से प्रथम विधायक बनाए गए थे। अभी अभी पूर्व विधायक स्व पूरन चंद के सम्मान मे कोयल पुल का नाम करण किया गया, ये उचित भी है । पूरन चंद छः बार के विधायक, पूर्व मंत्री, जातीय समीकरण से अलग जन-जन के नेता थे, परन्तु उनसे पूर्व के भी विधायक थे जो निःस्वार्थ सेवा करते थे और लोगों मंे उनकी काफी प्रतिष्ठा थी। जैसे 1952 से 57 स्व. अमीय घोष, 1957-62 स्व. उमेश्वरी चरण, 1962-67 स्व सच्चिदानंद त्रिपाठी। ये सब भी सम्मान के हकदार है। इनसबो के अलावे भी काफी लोग रहे है । अब रही प्रतिमा बैठाने की बात तो जेल हाता चौक को जेपी चौक घोषित किया जा चुका है; परन्तु अभी तक प्रतिमा स्थापित नही हुई। मेदिनीनगर स्थित भट्ठी मोहल्ला में शास्त्री चौक पर चबूतरा काफी पहले से निर्मित है जो स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी के प्रतिमा की बाट जोह रहा है। अतः महापौर, उप महापौर, सभी वार्ड पार्षद एवं जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि जात-पात की राजनीतिक दबाव से अलग हटकर उपरोक्त सभी को यथोचित सम्मान देगें, जिससे कि आने वाली उन्हें जान सके।