सच खबर, मेदिनीनगरः आदिवासी विकास महाकुंभ मेला को राजकीय दर्जा मिलने पर इसकी लोकप्रियता एवं भव्यता और बढ़ गई है। राजा मेदिनीराय की याद में आयोजित दुबियाखांड का मेला राजकीय होना बड़ी उपलब्धि है। मेदिनीराय ने जाति, धर्म से उपर उठकर समाज में समरसता बहाल किया, उसी तरह मेला भी सामाजिक समरसता की मिसाल है। मेला में सभी लोग बढ़चढ़ कर भाग लें। मेला और भव्य हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। यह बातें मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कही। वे आज पलामू जिले के दुबियाखांड़ में आयोजित दो दिवसीय राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला के समापन समारोह में बोल रहे थे। मेला का आयोजन पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग एवं राजा मेदिनीराय स्मृति न्यास-सह-मेला समिति की ओर से किया गया था। मेले के अंतिम दिन स्थानीय कलाकारों ने आदिवासी नृत्य-संगीत आदि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समा बांधा। कलाकारों ने आदिवासियों एवं राजा मेदिनीराय से जुड़े कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। वहीं विघार्थियों को सम्मानित किया गया। अन्य प्रबुद्धजनों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा परिसंपत्ति का वितरण किया गया। मेला के दूसरे व अंतिम दिन भी पलामू जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए। जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।