सच खबर, मेदिनीनगरः होली आपसी प्रेम, एकता और भाईचारा का प्रतीक है । सभी को मिलकर होली मनाना चाहिए। होली के मौके पर लोगों को आपसी वैमनस्य भूल जाना चाहिए एवं नए तरीके से जीवन प्रारंभ करना चाहिए। उक्त बातें समाजसेवी धनंजय त्रिपाठी ने कही । वह रविवार को स्थानीय गौरी शंकर मैरिज हॉल रांची रोड रेड़मा में बुद्धिजीवी मोर्चा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बोल रहे थे। श्री त्रिपाठी ने कहा कि होली अत्याचारों को अंत करने वाला पर्व है। इसके पूर्व फीता काटकर धनंजय त्रिपाठी ने होली मिलन कार्यक्रम का का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन बुद्धिजीवी मोर्चा के संयोजक पत्रकार अवधेश शुक्ला ने किया। इस अवसर पर श्री शुक्ला ने कहा कि होली भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। होली का इतिहास बहुत पुराना है। इस पर्व से वैमनस्य मिटता है समाज में एकजुटता बढ़ती है। मौके पर बुद्धिजीवी मोर्चा के सदस्य सुनील गिरी ने कहा कि होलिका दहन में समाज में व्याप्त बुराई को जला देना चाहिए।होली मिलन में कलाकारों ने होली का गीत गाया जिसका आनंद सभी उपस्थित लोगों ने लिया। मौके पर शहर के कई निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थाओं के शिक्षक , पत्रकार एवं चिकित्सक शामिल हुए। धन्यवाद ज्ञापन बुद्धिजीवी मोर्चा के सदस्य जितेन्द्र सिंह ने किया।