सच खबर ,गोला रामगढ़ः रामगढ जिला की गोला नगरी एक अति पुरातन नगरी रही है । यहा का सामाजिक ढँाचा भी उतनी ही प्राचीन और सुदृढ़ है। अनेक उतार-चढाव के बाद भी गोला ने पौराणिक परम्पराओ और रीति-रिवाजो पर आज भी कायम हैं। इसका एक उदाहरण कदम तर स्टेशन रोड स्थित एक दरवाजा स्व. भिक्षुक लाल का दरवाजा है। जहां वर्षो से चली आ रही पौराणिक परम्पराओ को उनके वंशज रंजन कुमार सिन्हा अधिवक्ता ,अनुज कुमार सिन्हा अधिवक्ता ,कैलाश बिहारी प्रसाद ,मुरारी प्रसाद ,रवि प्रसाद अनुप कुमार सिन्हा तथा उनके वंशज के कई सदस्य आज भी निभा रहे हैं। होली के दिन अपरह्न पौराणिक परम्पराओ के अनुसार सभी सदस्य ठाकुरबाडी से कृष्ण के मंगलगान के साथ ठाकुर जी की मूर्ति को साजो समान घंटा शंख के साथ अपने दरवाजे पे लाए तथा उनकी पूजा की । साथ ही अबीर-गुलाल तथा प्रसाद चढ़ाकर होली का त्योहार मनाया गया। संध्या में आरती उपरांत उसी समान के साथ ठाकुर जी को उनके नियमित स्थान पर पहुँचाया। इस अवसर पर आस-पास के लोगांे द्वारा फगुवा गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया कार्यक्रम में गुप्तेशवर पाठक ,रवि मिश्रा, शिवानन्द पाठक ,कृष्ण दलाल पाठक मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।