सच खबर, मेदिनीनगरः हर साल लाखों बच्चे करोडों सपने लिए दसवीं बोर्ड की परीक्षा पास करते हैं। उनके सामने एक गहरा संकट छाया रहता है कि किधर जाऊं। इस उहापोह की स्थिति में विद्यार्थी जीवन के चौराहे पर निर्णय नहीं कर पाते हैं। ऐसी हालत में उन्हें मार्गदर्शन व परामर्श की ज़रूरत होती है ताकि ज़िंदगी की गाड़ी साफ़ सड़कों पर सरपट दौड़ सके। इसे आम बोलचाल की भाषा मे जीवनवृत्ति हेतु परामर्श या कैरियर काउंसिलिंग कहते हैं। आज बोर्ड परीक्षा की अंतिम दिन बोर्ड परीक्षार्थियों के साथ श्रडच् कॉम्प्लेक्स में कैरियर काउंसलिंग के लिए बैठक किये।विद्वान व अपने अपने क्षेत्र में महारत हासिल किये शिक्षकों द्वारा संवाद स्थापित हुई। खुल कर बातें किये जिसमें सबों की रुचि अलग अलग दिखी मेडिकल इंजीनियरिंग के साथ वाणिज्य ब्यापार को भी बच्चों ने चुना।