सच खबर, मेदिनीनगरःमहापौर अरुणा शंकर ने कल वंशवाद की राजनीति से ना उबर पाने वाले पूर्व अध्यक्षों बेटा,भतीजा के सामूहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस का जवाब देते हुए कहा कि पूर्व अध्यक्ष ने स्वतः अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरी बातों की पुष्टि करते हुए स्वीकारा है कि 2004 में तालाब का डीपीआर उनके पारिवारिक अध्यक्षों के कार्यकाल मैं बना था और दोनों तालाब के बीच फ्लाईओवर भी था तो वह यह भी जवाब दें कि 2018 तक तो उन्हीं का परिवार अध्यक्ष था फिर 14 वर्षों में उस त्रुटि को क्यों नहीं उन पारिवारिक अध्यक्षांे ने दूर कराया। 14 वर्ष में जब फ्लाईओवर अचानक गायब हो गया तो उस वक्त क्यों नहीं उन लोगों की नींद खुली स 14 वर्षाे में क्यों नहीं आपके एवं आपके परिवार के अध्यक्षयो द्वारा फ्लाईओवर को खोजा गया। आज 2004 के बाद 2022 में क्यों नींद खुली। महोदया सच्चाई यह है कि आपके और आपके परिवार के अध्यक्षों द्वारा कभी भी उस रास्ते के बंद हो जाने का दर्द समझा ही नहीं था अगर समझे होते तो आपके बोर्ड से वह नक्शा पारित ही नहीं होता जिसकी खामियाजा वहां के स्थानीय लोग भुगत रहे हैं। खैर चिंता ना करें वह रास्ता मैं खुलवा कर रहूंगी क्योंकि मुझे आने जाने वालों का दर्द पता है। रही बात अंबेडकर जी की मूर्ति को सुनहरे रग में होने का, मरीन ड्राइव को फिर से धोबी घाट बनाने का गांधी मैदान और बड़ा तालाब के बाहर एंक्रोचमेंट मुक्त कराने का तो मुझे कतई आप सबो के बारे उठाए गए ऐसे घटिया सवालो से चोट नहीं क्योंकि मुझे आप लोगों की मानसिकता का पता है। यही कारण है कि आप सपरिवार 66 वर्षों के कार्यकाल में एक भी पार्क शहर को नहीं दे सके और व्यवसायियों का किराया 1 रुपये से 6 रुपये कर दिया। रही बात बड़े तालाब एरिया या गांधी मैदान के भागो को एंक्रोचमेंट मुक्त कराने का तो मैं आपको बता देना चाहती मेरा विश्वास लोगों को बसाने में है ना कि एंक्रोचमेंट के नाम पर लोगों को उजाड़ने पर। बड़ा तालाब या गांधी मैदान के बाहर सारे हमारे व्यवसाय भाई बसे हैं और मुझे व्यवसायियों का दर्द पता है । मैं एंक्रोचमेंट के नाम पर किसी व्यवसायियों को उजाड़ना नहीं चाहती हूं। महोदय मुझसे चर्चा करनी है तो धोबी घाट, सुनहरा रंग-एंक्रोचमेंट मुक्त जैसे बेकार के मुद्दे पर नहीं, बल्कि विकास के मुद्दे पर चर्चा करें, क्योंकि विकास बात से नहीं विजन से होता है। यही कारण है कि पिछली बार मैंने आपके 66 साल के कार्यकाल में किए पांच काम बताने को कहा था, लेकिन आज तक नहीं बता पाए। चलिए आपके तीन पुस्तांे ने निगम में राज किया है तो कम से कम तीन ही काम जनता को बता दें। आप सबों के जवाब का जनता और मुझे इंतजार रहेगा।