लोकतंत्र पर चली लाठियां, कई घायल, घेराव ऐतिहासिक

सच खबर,मेदिनीनगरः झारखंड की हेमंत सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 11 अप्रैल को ‘सचिवालय घेरा’े अभियान ऐतिहासिक राय इस अभियान को विफल बनाने के लिए प्रशासन की कई दिनों की मार्क ड्रिल और अभ्यास भी धरा का धरा रह गया ताबड़तोड़ लाठियों चटकाने और बैरिकेड लगाकर भाजपाइयों को घेरने और पानी छोड़ने के बावजूद कार्यकर्ताओं का जोश परवान पर था प्रशासन ने क्या की कार्यवाही इस लाखों की भीड़ को तितर बितर करने के लिए झारखंड की पुलिस ने सारी बर्बरता की हदें पार कर दी ऐसा लग रहा था कि वह सरकार के हुकुम सही लाचार हो क्या महिला किशोर युवक-युवतियों बुजुर्ग कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रहम नहीं किया कई भाजपा के विधायक को कई कई पुलिसकर्मी घेर-घेर कर लाठियां बरसा रहे थे। ऐसा माहौल उत्पन्न हो गया था मानो पुलिसकर्मी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत इस धरना घेराव पर नहीं, बल्कि नक्सल अभियान पर जाने का आदेश मिला हो। भीड़ पर कई राउंड आँसू गैस के गोले छोड़े गए । साथ ही तेजधार पानी छोड़ा गया पलामू भाजपाइयों की स्थिति जिला पलामू से प्रायः सभी भाजपा कार्यकर्ता रांची पहुंचे थे। जिन्होंने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में भाग भी लिया और लाठियों भी खाई, जिसमें स्थानीय कार्यकर्ताओं में अजय सिंह, शिव कुमार मिश्रा, किसलय तिवारी, श्वेतांग गर्ग ,सत्यवान तिवारी, पंकज शर्मा, रोहित कुमार, प्रकाश मेहता, कौशलेश कुमार, रूपा सिंह, अविनाश वर्मा को भी चोट आई है। प्रकाश मेहता जैसे कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इसके साथ ही रांची में भाजपा के सचिवालय घेराव कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों,विधायकों समेत हजारों लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस ऐतिहासिक सचिवालय घेराव और पुलिसिया बर्बरता पर बाबूलाल मरांडी ने इस लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा जिस तरह से निका में भ्रष्ट सरकार ने अपना रंग दिखाया है।  आने वाले चुनाव में जनता इस सरकार की विदाई कर देगी। वही विधायक निशीकांत दुबे ने इससे बिचौलियों के गोद में खेलने वाली सरकार बताया और इस पुलिस की बर्बरता पर अपना आक्रोश प्रकट किया ।
षेश पेज आठ पर

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