सच खबर, मेदिनीनगरः अखिल भारतीय आदिवासी महासभा का द्वितीय केंद्रीय महासम्मेलन आज शिवाजी मैदान मेदनीनगर में संपन हो गया। महासम्मेलन को संबोधित करते हुए झारखंड के कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि इसी धरती में सभी प्रकार के खनिज पदार्थ हैं। उसकी लूट के लिए सीएनटी एक्ट एसपीटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ आदिवासियों ने लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आदिवासी परम्परा को बचाने का काम किया। उस अनुरूप योजनाएं बनाई। ग्राम वन में एक ही दिन के आवेदन में स्वीकृति दे दी गई। कई गांवों में ऐसा किया गया।। उन्होंने कहा कि वन पर आश्रित लोगों को वन पट्टा दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि पलामू पिछड़ा हुआ जिला है। इसलिए यहां के एसटी एससी पिछड़ों की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एसटी एससी के अवैध रूप से लूटी गई जमीन वापस कराएंगे। इतना ही नहीं वे निजी कंपनी में भी एसटी एससी को काम दिलाएंगे। मंत्री को आदिवासी महासभा ने एक मांग पत्र सौंपा। मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि मांग पत्र में लिखी मांग पूरी करेंगे। मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड में विकास के नाम पर उपनिवेश बना दिया गया है। यहां खनिजों का दोहन किया जा रहा है।धर्म के नाम पर आदिवासियों को लड़ाया जा रहा है जेपी मिंज ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि यह एकता आदिवासी समाज को मुक्त करेगा। हमारी भाषा संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा संस्कृति है, जिसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है। हमारे खनिज संपदाओं के ऊपर कारपोरेट की गूढ़ दृष्टि है। सीएनटी एक्ट। एसपीटी एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। पलामू में आदिवासी जमीन पर सामंतों की कब्जा है। इसके लिए हमें एकताबद्ध होकर संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि थ्तं के दावों का निपटारा धीमी गति से हो रहा है।
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