अब कुछ नहीं बचा, जनता को जीवन समर्पित: सुमित

सच खबर,मेदिनीनगरः मेदिनीनगर नगरनिगम अंतर्गत वार्ड 17 के पार्षद सह जोन 4 के अध्यक्ष सुमित तिवारी ने अंतिम बोर्ड की बैठक से पहले क्षेत्र की जनता से माफी मांगी है। अपने पिता के देहांत के बाद श्राद्ध कर्म में जुटे सुमित तिवारी को अंतिम बोर्ड की बैठक में नहीं पहुंच पाने का गम सता रहा है। निगम के मेयर, डिप्टी मेयर एवं नगर आयुक्त को अपना एजेंडा भेज जनहित में सभी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। पहली बार राजनीति में आए पार्षद सुमित तिवारी ने बताया कि जनता ने बहुमूल्य वोट देकर मुझे जनप्रतिनिधि बनाया था। जो मेरा सौभाग्य था। लेकिन परिवारिक समस्या में उलझकर क्षेत्र से बाहर रहना पड़ा। जिसका दर्द हमेशा सताता रहा। भगिनी एवं पिता की बिमारी ने चार साल तक अस्पताल के चक्कर लगवाए। लेकिन विधाता ने हमसे दोनों प्रियों को छीन लिया। कैंसर की बिमारी से दो साल तक इलाजरत पिता के देहांत के बाद लौटे सुमित तिवारी ने कार्यकाल की समाप्ति से पहले बचे हुए कार्यों को गति देने के लिए नगरनिगम के कर्ताधर्ता से अपील की है। उन्हें मलाल है कि पिता के श्राद्ध कर्म की वजह से अंतिम बोर्ड की बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे। सुमित ने जनता से माफी मांगते हुए कहा कि कार्यकाल के दौरान जनता के लिए सशरीर मौजूद नहीं रह पाने का मलाल है, लेकिन क्षेत्र की जनता ने जो भी समस्या बताई उसका समाधान करने में कभी पीछे नहीं रहा। क्षेत्र में कम समय बिताने की वजह से मेरे किए गए कार्यों का श्रेय मुझे मिला ही नहीं है। यही वजह है कि जनता के वफादार रहकर भी विरोधियों ने मेरे बारे में दिग्भ्रमित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।
वार्ड 17 के पार्षद सुमित तिवारी ने बताया कि तीन बोर्ड की बैठक में अनुपस्थित रहने पर वार्ड पार्षद की सदस्यता स्वतरू समाप्त हो जाती है। जो कि नहीं हुआ यानि कि मेरी उपस्थिति आवश्यक कार्यों में रही है। भगिनी एवं पिता की बिमारी ने हमें जरूर क्षेत्र से दूर रखा, लेकिन अब जब दोनों नहीं बचे तो मेरे पास जनता के हित के बजाय अब कोई काम नहीं बचा है।

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