दंतेवाड़ाः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर के पास बुधवार 26 अप्रैल को डीआरजी के जवानों को ले जा रहे एक वाहन पर आईईडी हमला हुआ है. आईईडी को नक्सलियों ने प्लांट किया था. इस हमले में 11 जवान शहीद हो गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि आज दंतेवाड़ा के थाना अरनपुर क्षेत्र अंतर्गत माओवादी कैडर की उपस्थिति की आसूचना पर दंतेवाड़ा से डीआरजी बल नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था. वापसी के दौरान माओवादियों की ओर से अरनपुर मार्ग पर आईईडी विस्फोट किया गया, जिससे अभियान में शामिल 10 डीआरजी जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए हैं. इनकी टीम बारिश में फंसे सुरक्षा बलों को रेस्क्यू करने जा रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने आइइडी ब्लास्ट में पुलिसकर्मियों का वाहन उड़ा दिया। हमला दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में अरनपुर-समेली के बीच हुआ। सूत्रों के मुताबिक यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हुई है। इसी मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने वाहन पर बम फेंका था बीजापुर से कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी के काफिले पर एक हफ्ते पहले नक्सलियों ने हमला किया था। जिस वाहन में जिला पंचायत सदस्य पार्वती कश्यप बैठीं थीं, उस वाहन पर गोलियां लगी थी। सभी सुरक्षित हैं। विधायक विक्रम मंडावी, जिला पंचायत सदस्य समेत कांग्रेसी नेता गंगालूर गए हुए थे। यहां मंगलवार को साप्ताहिक हाट बाजार में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया था। लौटते वक्त पदेड़ा गांव के नजदीक नक्सलियों ने चलते वाहनों पर फायरिंग की थी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हमले पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में सुरक्षाकर्मियों पर नक्सलियों द्वारा किए गए आइइडी हमले में 11 जवानों की मौत से हम दुखी है। उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा। जानिए डीआरजी के बारे मेंः डीआरजी यानी डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, जो छत्तीसगढ़ पुलिस के स्पेशल जवान हैं. ये केवल नक्सलियों से लड़ने के लिये भर्ती किए गये हैं. इसमें सरेंडर करने वाले नक्सली और बस्तर के ही वातावरण में पले बढ़े लोग शामिल होते हैं. नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता अब तक इन्हीं जवानों को मिली है.