सच खबर, विश्रमापुरः प्रखंड अंतर्गत पंजरी खुर्द गांव में श्रीमद्भागवत कथा के साप्ताहिक आयोजन के क्रम में कथावाचक लखनजी महाराज ने कहा कि प्राणी मात्र को इस अधम शरीर को कजोड़ परमात्मा से प्रेम करना चाहिए। इस नश्वर शरीर से मोह ही व्यक्ति के दुख का कारण है। इसलिए प्राणिमात्र को चाहिए वह वैराग्य भाव से प्रभु के चरणों में अपनी आशक्ति करे। कथावाचन के क्रम में उन्होंने धुंधकारी और गोकर्ण के प्रसंग को उद्धरित करते हुए कहा कि व्यक्ति की प्रवृति ही उसके विनाश और नर्क का भागी बनता है, लेकिन जब घर परिवार में एक भी व्यक्ति गोकर्ण की तरह प्रभु का रसिक हो जाता है तो पूरे
परिवार पूरा गांव मोक्ष प्राप्त कर लेता है। कथा श्रवण के क्रम में आयोजक अनिल पाठक, शिव कुमार चौधरी, रवि ओझा, नवल पाठक नंदलाल पाठक, गोपाल पाठक, सुदेश्वर पाठक, आशिक तिवारी, कमलानंद दुबे, मुरारी पाठक, रामरक्षेया पाठक, महेंद्र पाठक, यमुना पाठक, रामानुज पाठक, रामप्रवेश पाठक, रविन्द्र पाठक, चंद्रिका पाठक, रामविलास पाठक, दवेंद्र पाठक आदि उपस्थित थे।