सच खबर, मेदिनीनगरः अविनाश देव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दीप्ति कुमारी एक ऐसा गुमनाम चेहरा था,जो बड़े हस्ताक्षर को अपनी उंगलियों से निशाना लगाना सिखाया और पद्मश्री मिला। दीप्ति कुमारी आज ख़ुद परेशानी में ज़िंदगी गुजार रही है। इंटरनेशनल तीरन्दाजी गेम के लिये कर्ज लेकर चार लाख रुपये में धनुष खरीदा, किंतु अनहोनी हो गई और धनुष टूट गया सपने बिखर गए। घर वापसी हुई तो माँ हार्ट अटैक के मरीज मेडिका अस्पताल में मिली। घर चलाने के लिए अरगोड़ा चाय के दुकान पर गई तो रांची नगर निगम द्वारा अतिक्रमण मुक्त में दुकान सफ़ाया मिला। बस क्या था ज़िन्दगी से निराश दिल टूट गया। तीर लक्ष्य को न बेध सका। तीर दिल को जख्मी कर दिया। इस बात की हमें जानकारी हुई और हमारे अज़ीज पेयजल स्वच्छता मंत्री झारखण्ड सरकार मिथिलेश भैया के कृपा पात्र बनी। हर सम्भव मदद के भरोसा दिया और कहा हेमन्त हैं हिम्मत रखो और आज झारखण्ड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन कुमारी दीप्ति प्रजापति से आधे घंटे तक मिले और गहराई से जाने और समझे। इस मौके पर युवा एवं खेल मंत्री हफ़िज़ूल हसन साहब मौजूद रहे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का आशीर्वाद मिला। श्री सोरेन ने कहा कि खिलाड़यों से हम बेपनाह मोहब्बत करते हैं और कहा धनुष भी मिलेगा और नौकरी भी देंगे। राज्य का नाम रौशन करो। इस कार्य के लिए मंत्री मिथिलेश ठाकुर,मुख्यमंत्री हेमन्त को आजीवन आभारी बना रहूंगा जिन्होंने गरीब बेटी के ज़ख्मी दिल पर मरहम लगाने का काम किया।