सच खबर,गढ़वाः झारखंड को खनिज -संपदा के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब पर्यटन के रूप में इस राज्य को अलग पहचान दिलाने की दिशा में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। पर्यटक स्थलों को संरक्षित और विकसित कर रहे है। इस कड़ी में राज्य के धार्मिक स्थलों का सर्किट बनाया जाएगा। सभी प्रमुख धार्मिक स्थल इससे जोड़ें जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हम बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। हमारी कोशिश है कि विश्व के टूरिज्म मैप पर झारखंड को भी एक अलग पहचान दिला सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज बंशीधर नगर, गढ़वा में दो दिवसीय राजकीय श्री बंसीधर महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्री बंशीधर महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिला है। आने वाले वर्षों में इस महोत्सव को और भव्यता देने का काम करेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपनी कला-संस्कृति और परंपरा को इतना मजबूत करना है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी इसे कोई तोड़ नहीं सके। इसी सोच के साथ धार्मिक स्थलों को विकसित करने के लिए लगातार योजनाएं बना रहे हैं। राजधानी रांची में तपोवन मंदिर के विकास पर 14 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं, वहीं रांची के तमाड़ में स्थित ऐतिहासिक दिउड़ी मंदिर के विकास के लिए 7 करोड़ रुपए की योजना बन चुकी है। बहुत जल्द इस मंदिर के विकास और सुंदरीकरण की आधारशिला रखी जाएगी।