रांची में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक संपन्न, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की अध्यक्षता
रांची, 10 जुलाई:
राजधानी रांची स्थित होटल रेडिसन ब्लू में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक का आयोजन हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड को केंद्र से विशेष सहायता और योजनाओं की मंजूरी मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
बैठक में झारखंड के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार की सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) पर राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा उठाया। इसके अलावा, सरना धर्म कोड की मांग और खनन कार्य समाप्ति के बाद राज्य को जमीन वापस करने संबंधी विषयों को भी चर्चा में लाया गया।
चार राज्यों के 70 प्रतिनिधि हुए शामिल
पूर्वी भारत के चार राज्यों—झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से कुल 70 प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया। झारखंड की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपक बिरुवा, मुख्य सचिव अलका तिवारी, गृह विभाग की प्रमुख सचिव वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता उपस्थित रहे।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा, बिहार की ओर से मंत्री विजय चौधरी और सम्राट चौधरी तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अनुपस्थिति में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
“धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड के रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता हेतु माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी का स्वागत किया।”
उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
अधिकारियों के अनुसार, बिहार ने सीमावर्ती राज्यों के साथ जल बंटवारे और संपत्ति के विभाजन से संबंधित मुद्दे उठाए, जो झारखंड के गठन (15 नवंबर 2000) के बाद से अब तक अनसुलझे हैं। वहीं, झारखंड ने सरना धर्म कोड की मांग को फिर से केंद्र के समक्ष रखा। राज्य विधानसभा इस पर पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
इसके साथ ही, झारखंड ने कोयला धारक क्षेत्र (अर्जन एवं विकास) अधिनियम में संशोधन कर खनन कार्य पूरा होने के बाद भूमि राज्य को लौटाने की मांग दोहराई।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
बैठक के मद्देनज़र रांची में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति को देखते हुए होटल और आस-पास के क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी गई।
गौरतलब है कि यह बैठक पूर्व में 10 मई 2025 को निर्धारित थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
