सच खबर, गढ़वा। उपायुक्त रमेश घोलप के निर्देश पर समाहरणालय के सभागार तीन दिन सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसमें उपायुक्त ग्रामीणों की समस्याओं से रूबरू होते हैं। जनता दरबार में ग्राम करमडीह, पंचायत जाटा, प्रखंड- गढ़वा के रहने वाले रामकेश महतो समेत अन्य कई ग्रामीणों ने उपायुक्त से राशन देने में डीलर के द्वारा मनमानी किए जाने के संदर्भ में शिकायत की। इतना ही नहीं उन्होंने उपायुक्त से उनके साथ आई फरियादी कलावती कुंवर का 11 माह से राशन नहीं मिलने से संबंधित शिकायत भी की। जांचोपरांत आरोप में सत्यता पाए जाने पर डीलर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त करने का निर्देश दिया। हलिवंता कला, श्री बंशीधर नगर निवासी राजेश भुईया ने अपनी बेटी अमीषा कुमारी के पथरी से इलाज के लिए और पिपरा कला गढ़वा निवासी बृजभूषण ने भी अपने और अपनी पत्नी के पेट और यूरिन से संबंधित बीमारी के इलाज के हेतु राशनकार्ड में नाम जोड़ते हुए आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड उपलब्ध करने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने तत्काल ही जनता दरबार में बैठे जिला आपूर्ति कार्यालय के कर्मी को इस प्रकार के मामलों को प्राथमिकता देते हुए इनका नाम राशन कार्ड में जोड़ने का निर्देश दिया। भवनाथपुर प्रखंड के श्रमिक मित्र ने उपायुक्त को बताया कि उत्तर प्रदेश के हड़िया तहसील क्षेत्र से सन 1997 में मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों के पुनर्वास के तहत सरकार के नियमानुसार सरकारी लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हमारी जानकारी के मुताबिक 121 बंधुआ मुक्त मजदूर, जो अत्यंत गरीब है इस लाभ से वंचित हैं। इस पर उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक के माध्यम से मामले की जांच करवाते हुए उन्हें नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। जनता दरबार मे ंकई विधवा महिलाओं का विधवा पेंशन से वंचित हो जाने संबंधी शिकायत की । उपायुक्त ने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी व संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी से मामले की जानकारी ली। उपायुक्त ने जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े मामले राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, आवास योजना का लाभ दिलाने समेत अन्य विषयों से जुड़े कुल 60 आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए इस संदर्भ में आवश्यक कार्रवाई कर नियत समयावधि के भीतर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में दिलजीत कुमार ने उपायुक्त को अपने हाथों से बनाया उनका स्केच भी भेंट किया।