सच खबर, मरकच्चो। गर्मी की बढ़ती तपीश से अप्रैल माह में ही मरकच्चो प्रखंड के विभिन्न गांवों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है और मरकच्चो में तो पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। मरकच्चो में पेयजल की समस्या को देखते हुए सरकार के द्वारा कई वर्ष पूर्व 2.24 करोड़ की लागत से एक लाख गैलन क्षमता वाली जलमीनार का निर्माण कराया गया था, लेकिन रख रखाव व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण जलमीनार ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति करने में पूरी तरह अक्षम साबित हो रही है। ग्रामीणों का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है, जो कभी भी सड़कों पर उतर सकती है। पेयजल की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि गांव की महिला-पुरुष पीने का पानी गांव के बाहर दो तीन किलोमीटर दूर से माथे पर व मोटरसाइकिल से ला रहे हैं। ग्रामीणों को दिन भर पानी के लिए पानी पानी होना पड़ रहा है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा एक टाइम सुबह में आधे घंटे सीधे नदी के कुएं के पानी की सप्लाई की जा रही है । वह पानी पीने के लायक नहीं है। वह भी कभी कभी एक एक सप्ताह बंद हो जाता है। अभी जो पानी पेयजल के लिए सप्लाई किया जाता है वह पानी पीने व खाना बनाने का काम छोड़कर बर्तन धोने व कपड़ा धोने का काम लिया जाता है। इस कारण मरकच्चो में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्य कर रहे कर्मियों के मनमाना रवैये के कारण कई जगहों पर पाइप से पानी का अनावश्यक बहाव हो रहा है, जिसके कारण लोगों को प्रचुर मात्रा में पानी नही मिल पा रहा है, सिर्फ आधे घण्टे सुबह में पानी देकर बंद कर दिया जा रहा है।