लातेहार में मधु किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह योजना बैठक आयोजित

हनी वैल्यू चेन पर विस्तृत जानकारी, मधुमक्खी पालन के वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर

लातेहार, 23 जुलाई।
प्रखंड स्तरीय जेएसएलपीएस सभागार में बुधवार को “हनी वैल्यू चेन पर ओरिएंटेशन एवं योजना बैठक” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मधु पालन से जुड़े किसानों को आधुनिक प्रशिक्षण देने और उन्हें शहद उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षक श्री लाभेश कुमार द्वारा मधुमक्खी पालन की बारीकियों से हुई। उन्होंने मधुमक्खियों की प्रजातियों, पारंपरिक व आधुनिक पालन विधियों, तथा इस व्यवसाय से होने वाले आर्थिक, पोषण व पर्यावरणीय लाभ पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मधुमक्खी पालन के प्रमुख लाभ:

  • उत्पाद: शहद के अलावा मोम, रॉयल जेली, प्रोपोलिस और मधुमक्खी विष भी।
  • परागण: फसलों की उपज बढ़ाने में सहायक।
  • कम लागत: न्यूनतम भूमि और पूंजी में भी पालन संभव।

बॉक्स प्रबंधन पर विशेष जानकारी

जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) द्वारा छत्ते (हाइव बॉक्स) के प्रकार, डिज़ाइन, रखरखाव और उत्पादन प्रक्रिया पर व्यापक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि छत्तों की समय-समय पर देखभाल व सुरक्षा ही शहद उत्पादन बढ़ाने का मुख्य कारक है।

शहद के गुण और उपयोग पर प्रकाश

DM LH श्री अंकित कुमार ने शहद के औषधीय, पोषणात्मक और व्यावसायिक उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शहद में प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और खनिजों का समुचित संतुलन होता है, जिससे यह स्वास्थ्यवर्धक और औषधीय रूप से उपयोगी बनता है।

प्रशिक्षण का उद्देश्य और परिणाम

BPM श्री आलोक कुमार ने प्रशिक्षण के महत्व पर बोलते हुए कहा कि:

  • प्रशिक्षण से पालकों में जागरूकता और आत्मनिर्भरता आती है।
  • सही तकनीक अपनाने से उत्पादन में वृद्धि होती है।
  • मधुमक्खियों की सुरक्षा और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ती है।

इस अवसर पर BPM आलोक कुमार, BPO सुजीत कुमार, CC संजय कुमार, महेश सिंह, ट्रेनर लाभेश कुमार समेत विभिन्न सखी मंडलों के सदस्य उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में उपस्थित सभी मधु किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और भविष्य में इस दिशा में सतत सहयोग देने की बात कही गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *