31 जुलाई तक खरीफ फसल बीमा कराना अनिवार्य, प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का सशक्त माध्यम: उपायुक्त कंचन सिंह
सिमडेगा।
बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रचार रथ को उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने जिले के समस्त किसानों से अपील की कि वे 31 जुलाई 2025 से पूर्व अपनी खरीफ फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप या अन्य कारणों से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई इस बीमा योजना के माध्यम से हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने किसानों को समय सीमा के भीतर बीमा कराने की सलाह देते हुए कहा कि यह योजना न केवल सुरक्षा देती है बल्कि आत्मनिर्भर किसान समाज के निर्माण में सहायक है।
इस मौके पर जिला सहकारिता पदाधिकारी आत्म अभय टोप्पो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो और बीमा कंपनी बजाज एलियंस के प्रतिनिधि सुरेंद्र शुक्ला उपस्थित थे।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जानकारी दी कि यह प्रचार वाहन गांव-गांव जाकर किसानों को योजना की जानकारी देगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान योजना से लाभान्वित हो सकें।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
- किसानों के प्रीमियम का अधिकांश हिस्सा राज्य और भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
- कम वर्षा, कीट प्रकोप, या अन्य विपरीत मौसम में फसल नुकसान पर दावा भुगतान।
- कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में रखी फसल को चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान पर भी दावा मान्य।
- निर्धारित उपज से कम उपज होने पर भी दावा का प्रावधान।
कौन करा सकते हैं बीमा:
- ऋणी किसान: उनका बीमा संबंधित बैंक/ऋणदाता संस्था द्वारा किया जाएगा।
- गैर-ऋणी किसान:
- बीमा करवा सकते हैं बैंक शाखा, सहकारी समिति, प्रज्ञा केंद्र (CSC), पोस्ट ऑफिस, फसल बीमा ऐप अथवा पोर्टल के माध्यम से।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि व फसल बुवाई संबंधी प्रमाण।
खास जानकारी:
- केवल ₹1 में करें फसल बीमा नामांकन।
- अधिसूचित खरीफ फसलें: अगहनी धान और भदई मकई।
- योजना से जुड़ी अधिक जानकारी व शिकायत हेतु कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क करें।






