बगैर रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर मशीन सील कर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश, बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ पोस्टर लगाना अनिवार्य
मेदिनीनगर (पलामू)।
जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्रीमती समीरा एस की अध्यक्षता में पीसी और पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उपायुक्त ने जिले में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की स्थिति की जानकारी ली तथा अवैध रूप से संचालित केंद्रों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बगैर रजिस्ट्रेशन के अल्ट्रासाउंड करते पाए जाने पर संबंधित मशीन को सील करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उपायुक्त ने सभी पीसीपीएनडीटी टीमों को औचक निरीक्षण तेज करने और सतत निगरानी बनाए रखने को कहा।
बैठक की प्रमुख कार्यवाहियां:
- रुद्र इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर, दिव्या अल्ट्रासाउंड और बंशीधर अल्ट्रासाउंड के पंजीयन नवीनीकरण को स्वीकृति प्रदान की गई।
- तृप्ति अल्ट्रासाउंड, प्रकाश चंद्र जैन सेवासदन, एवं राज डायग्नोस्टिक सेंटर, छतरपुर द्वारा पुराने मशीनों को बदलकर नए अल्ट्रासाउंड मशीनों के इंस्टालेशन की चर्चा हुई।
- उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पुराने मशीनों को सील करने के बाद ही नया लाइसेंस निर्गत किया जाए।
- लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में नई मशीन की स्थापना और राजमती चिकित्सा केंद्र, घाड़ा पट्टी के नवीनीकरण को भी स्वीकृति दी गई।
- एक डॉक्टर द्वारा दो से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्रों में कार्यरत रहने पर शोकॉज नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया।
कन्या भ्रूण हत्या पर सख्ती:
उपायुक्त ने सभी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों में यह सुनिश्चित करने को कहा कि “लिंग निर्धारण अपराध है” संबंधी सूचना स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो। इसके साथ ही “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत जागरूकता पोस्टर भी सभी केंद्रों पर लगाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण या भ्रूण हत्या की जानकारी हो, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।
उपस्थित अधिकारीगण:
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अनिल, हेल्थ डीपीएम प्रदीप कुमार, सदस्य इंदुलेखा भगत, नीलम होरो सहित जिला सलाहकार समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।