जलजमाव से मोहल्ले हुए प्रभावित, आवारा कुत्तों के हमले में घायल हुए मासूम बच्चे
सच खबर, मेदिनीनगर, शहर में हो रही लगातार बारिश के कारण जलनिकासी की समस्या विकराल होती जा रही है। पूर्व महापौर अरुणा शंकर ने मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त से मिलकर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई और तत्काल प्रभाव से नालों की समुचित सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि, ष्हमारे कार्यकाल में हर वर्ष गर्मी समाप्त होते ही नगर निगम द्वारा बड़े और छोटे नालों की योजनाबद्ध सफाई शुरू कर दी जाती थी, लेकिन वर्तमान प्रशासन में ऐसी कोई व्यवस्था धरातल पर नहीं दिख रही है।ष् पूर्व महापौर ने जानकारी दी कि हाल की भारी बारिश के दौरान कई मोहल्ले जलमग्न हो गए, क्योंकि निगम द्वारा बनाए गए नए-पुराने नालों की नियमित सफाई नहीं की गई। उन्होंने आगाह किया कि ष्अभी भी एक महीने तक भारी बारिश की संभावना है, यदि तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।ष् अरुणा शंकर ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर भूमि अतिक्रमण या नाले को छोड़े बिना भूमि घेराव के कारण जलनिकासी बाधित हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर प्रशासन को स्थानीय बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर त्वरित समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहर दीर्घकालिक जलभराव की समस्या से बच सके। उन्होंने नगर निगम से चौनपुर, शाहपुर, पहाड़ी एरिया (जहां पूरे शहर का ड्रेनेज निकलता है), शांतिपुरी, बाजार क्षेत्र, रेडमा और बायपास रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में गैंग बनाकर त्वरित सफाई कार्य शुरू करने की मांग की। पूर्व महापौर ने शहर में फिर से बढ़ते आवारा कुत्तों की संख्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नंदलाल इंस्टिट्यूट के पास आवारा कुत्तों के झुंड ने चार बच्चों को जख्मी कर दिया है, जो अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने नगर निगम से इन कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की अविलंब व्यवस्था करने की मांग की। हाल ही में हुई बारिश के बाद गंदगी और जलभराव के चलते संक्रामक बीमारियों के प्रसार की आशंका को देखते हुए पूर्व महापौर ने ब्लीचिंग पाउडर के व्यापक छिड़काव की मांग भी की, ताकि डेंगू, मलेरिया जैसे रोगों को रोका जा सके।