सच खबर, खूंटी। दिव्यांगजनों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत कर उसे स्वावलंबन पोर्टल पर उनकी एंट्री सुनिश्चित किया जाना है। उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में दिव्यांगता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन कैंपों के माध्यम से सभी छूटे दिव्यांगजनों, जिन का प्रमाण पत्र अब तक नहीं बन पाया है उन्हें शत-प्रतिशत चिन्हित करते हुए निर्धारित तिथियों को कैंप में पहुंचने तथा दिव्यांगता की जांच कर उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो भी प्रमाण पत्र निर्गत हो, वह स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से यूडीआइडी कार्ड के रूप में ही निर्गत हो। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकाधिक संख्या में कैंप का आयोजन कर दिव्यांगजनों को इस योजना से जोड़ते हुए लाभान्वित करने की दिशा में कार्य करें। यूनिक विकलांगता आईडी कार्ड के लिए आवश्यक दस्तावेज निम्नलिखित हैंः- 1. आधार कार्ड 2. जाति प्रमाण पत्र, 3. आय प्रमाण पत्र, 4. बैंक खाता विवरण एवं 5. स्थायी निवासी प्रमाण पत्र होना चाहिए। इसके अलावा उपायुक्त ने बताया कि सभी दिव्यांगों को यूनिक विकलांगता आईडी कार्ड विशिष्ट पहचान दी जाएगी। दिव्यांगों को यूनिक डिसएबिलिटी आईडी नंबर मिल जाएगा। इससे दिव्यांगों को प्रमाण पत्र लेकर नहीं घुमना पड़ेगा। एक स्मार्ट कार्ड में ही दिव्यांग से संबंधित सभी जानकारी होगी, यह जानकारी ऑनलाइन रहेगी। इससे दिव्यांग सभी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। विदित हो कि उपायुक्त के निर्देश के आलोक में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु प्रखंडवार चिकित्सा पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ताकि पोर्टल पर लंबित मामलों का सतत् पर्यवेक्षण भी सुनिश्चित किया जाय। चिकित्सकों द्वारा सुगम रूप से दिव्यांगजनों की जांच कर आवश्यक कार्य किये जा रहे हैं।