ए.के. सिंह कॉलेज जपला में वित्तीय अनियमितता पर विवाद, जांच कमेटी गठित
सच खबर, जपला। ए.के. सिंह कॉलेज, जपला इन दिनों बड़े विवादों में घिरा हुआ है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आनंद कुमार को सचिव प्रफुल्ल कुमार सिंह ने पद से बर्खास्त कर दिया है। इस निर्णय को लेकर कॉलेज प्रशासन और शासी निकाय में गहमागहमी का माहौल है।
डॉ. आनंद कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी हुसैनाबाद, शासी निकाय के अध्यक्ष सह सांसद वी.डी. राम और विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर कहा है कि सचिव ने बिना शासी निकाय की बैठक किए, नियम विरुद्ध तरीके से रातों-रात उन्हें बर्खास्त कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वे लगातार कॉलेज में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते रहे हैं।
डॉ. आनंद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पूर्व प्राचार्य प्रो. सूर्य मणि सिंह और सचिव प्रफुल्ल कुमार सिंह ने शासी निकाय की बैठक किए बिना ही करोड़ों रुपये खर्च किए। इस मामले में विश्वविद्यालय ने जांच समिति गठित की है।
उन्होंने बर्खास्तगी को “पूर्वाग्रह एवं प्रतिशोध की भावना से प्रेरित” बताते हुए कहा कि—
- बिना शासी निकाय के निर्णय के किसी को निलंबित कर देना
- लंबे समय तक निलंबन जारी रखना
- महाविद्यालय में उपस्थिति के बावजूद नो वर्क, नो पे घोषित करना
जैसी मनमानी लंबे समय से जारी है।
डॉ. आनंद ने आशंका जताई कि जिन शिक्षकों पर दर्जनों मामले लंबित हैं और जिन पर जांच प्रक्रियाधीन है, उन्हें ही प्राचार्य बनाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उनका कहना है कि सचिव प्रफुल्ल कुमार सिंह की मंशा ही यही है कि आरोपी शिक्षकों को आगे कर भ्रष्टाचार की जांच को गोलमोल किया जा सके और वित्तीय अनियमितताओं पर पर्दा डाला जा सके।
