आपदा प्रबंधन योजनाओं, मॉक ड्रिल और सामुदायिक सहभागिता पर दिया विशेष जोर
सच खबर, रामगढ़।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), नई दिल्ली की टीम शुक्रवार को रामगढ़ पहुंची और समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक आयोजित की।
बैठक में एनडीएमए टीम की सदस्य सुश्री सरोज कुजूर (अवर सचिव, सामान्य) एवं डॉ. वसीम इकबाल (कंसल्टेंट, DM) मौजूद रहे। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती सुधा देवी, अपर समाहर्ता कुमारी गीतांजलि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं (SDMP/DDMPs) की समीक्षा एवं अद्यतन पर चर्चा।
- आपदा तैयारी एवं रिस्पॉन्स सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश।
- अर्ली वार्निंग एवं अर्ली एक्शन प्लान, अंतर-विभागीय समन्वय (Armed Forces, CAPF, NDRF, SDRF) पर जोर।
- कम्युनिटी वॉलंटियर्स (आपदा मित्र, आपदा सखी, दीदी) के प्रशिक्षण और सहभागिता पर बल।
- हाथियों का प्रकोप, स्नेक बाइट, हीट वेव, लाइटनिंग, अग्निकांड, भारी वर्षा और बिजली से निपटने की रणनीतियों पर विमर्श।
मॉक एक्सरसाइज पर विशेष बल:
बैठक में Mock Exercises for Enhanced Preparedness को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि राज्य स्तर पर मल्टी-हैजर्ड एक्सरसाइज एवं CBRN ड्रिल्स (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल, न्यूक्लियर) आयोजित की जा सकती हैं।
धार्मिक आयोजनों और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (एविएशन, रेलवे, पावर सेक्टर, रिफाइनरी, न्यूक्लियर फैसिलिटी) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
आपदा प्रबंधन का नया दृष्टिकोण:
बैठक में कहा गया कि आपदा प्रबंधन केवल राहत एवं बचाव तक सीमित न रहकर जोखिम न्यूनीकरण, सामुदायिक सहभागिता और तकनीकी उपयोग पर आधारित होना चाहिए।
साथ ही ‘सचेत ऐप’ की जानकारी दी गई और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया।



