सच खबर, मेदिनीनगर। एआईएसएफ जिला अध्यक्ष सुजीत पांडे ‘विदेशी’ के नेतृत्व में प्रति कुलपति से मिल पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। पत्र में मांग की है कि .सत्र 2020-2022 बीएड के आतंरिक मूल्यांकन में निजी बीएड कॉलेज ने मनमानी कर गलत तरीके से 90ःसे भी अधिक अंक दिए हैं, उसकी जाँच करायी जाये।.निजी बीएड कॉलेज के सर्वाधिक अंक प्रदान करने वाले छात्रों की कॉपी नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। साथ ही .विश्वविद्यालय के इतिहास में बीएड में सर्वाधिक अंक लाने वाले पलामू रत्न से सेमिनार में बुलाकर प्रश्न के उत्तर देने के तरीके की जाँच करायी जाये। इसके अलावे निजी बीएड कॉलेज के वैसे प्राचार्य जिन्होंने अवैध वसूली कर बीएड के आतंरिक परीक्षा में जो दलाली की है वैसे प्राचार्य पर जांच के उपरांत विश्वविद्यालय उन पर कार्यवाई करे। .बीएड सत्र 2020-2022 की आतंरिक मूल्यांकन में गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जाँच करायी जायें। .1400 रु परीक्षा शुल्क वसूल कर एक रुपये के कागज में अंक पत्र उपलब्ध कराने पर पर कार्यवाई की जाए। विदेशी पांडे ने कहा कि बीएड सत्र में जारी हुए परिणाम पत्र में रिश्वतखोरी साफ दिख रही है। विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता फैली हुई हैं। परीक्षा विभाग द्वारा काफी त्रुटियां पायी जा रही है। वहीं, कुलपति, प्रति कुलपति कार्रवाई करने से झिझक रहे हैं। इसमें साफ नजर आता है कुलपति और विश्वविद्यालय के पदाधिकारी मिलकर विश्वविद्यालय को लूटना चाहते हैं। ज्ञापन सौंपते हुए विदेशी पांडेय ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय निजी बीएड कॉलेज पर त्वरित कार्यवाई नही करती है तो बहुत जल्द ही छात्र चरणबा आंदोलन करने पर विवश होंगें। मौके पर छात्र प्रियांशु आनंद,कौशल किशोर,पवन कुमार,बब्लू सिंह सहित दर्जनों छात्र मौजूद थे।